मुकद्दस सफर हज पर जाने का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। तीसरे दिन के जत्थे में 12 साल के मोहम्मद हुसैन खां भी अपनी अम्मी और अब्बू के साथ सफर-ए-हज पर रवाना हुए। इस नन्हे हुसैन खां की खुशनसीबी पर लोग रश्क कर रहे थे।
हज हाउस में कई लोगाें ने उसे गले से लगाया, उसके माथे को चूमा और दुआओं के साथ उसे हज के लिए रवाना किया। बड़ी बाजार के रहने वाले अब्दुल हामिद खान और उनकी बीवी अपने 12 साल के बेटे को अपने साथ हज पर ले गए।
क्लास 5 में पढ़ रहे हुसैन खां ने कहा कि मदीना जाकर और काबा का तवाफ कर मैं अब्बू की सेहत के लिए दुआ मागूंगा। मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनना चाहता हूं, इसके लिए भी वहां जाकर अल्लाह से दुआ करूंगा। बुधवार को रवाना होने वालों में 70 साल की मऊ खैराबाद की जोहरा भी थी।
चलने फिरने में मजबूर तो थीं लेकिन अकीदा उनका बुलंद था। वो अपने बेटे नियाज अख्तर और बहू माजिदा खातून के साथ सफर-ए-हज पर रवाना हुईं। उधर बुधवार को दो उड़ानों से कुल 310 हज जाइरीन काशी से काबा के लिए रवाना हुए।
पहली फ्लाइट से 14 जिलों के 155 और दूसरी फ्लाइट से नौ जिलों के 155 जाइरीन हज पर गए। दूसरी फ्लाइट में सर्वाधिक हज जाइरीन बनारस से थे।
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पहली फ्लाइट
वाराणसी - 46, इलाहाबाद - 32, आजमगढ़ - 26, कौशांबी - 10, जौनपुर - 9, मऊ - 8, देवरिया - 4, सोनभद्र - 4, भदोही - 4, गोरखपुर - 4, कुशीनगर - 2, महाराजगंज - 2, मिर्जापुर - 2, गाजीपुर - 2
दूसरी फ्लाइट
वाराणसी - 86, इलाहाबाद - 16, मऊ - 12, आजमगढ़ - 12, गाजीपुर - 11, बलिया - 5, जौनपुर - 5, भदोही - 5, कौशांबी - 3