एपेक्स नर्सिंग कॉलेज का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पिछले दिनों एक आरटीआई के जवाब में इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए मान्यता न देने का हवाला दिया था। चार जुलाई को काउंसिल ने आरटीआई एक्टिविस्ट डॉ. अवधेश दीक्षित को इसका जवाब भेजा था।
इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने एक आरटीआई के जवाब में 20 जुलाई को बताया है कि अप्रैल 2015में ही संबद्धता समाप्त कर दी गई थी। अब इस कदम के बाद कई तरह के सवाल खड़ा हो गए हैं।
डॉ. अवधेश दीक्षित को भेजे गए जवाब में केजीएमयू ने यह बताया है कि 21 अप्रैल 2015 को एपेक्स नर्सिंग कालेज की संबद्धता समाप्त कर दी गई थी। इतना ही नहीं केजीएमयू की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब एपेक्स कॉलेज द्वारा न देने का जिक्र किया गया है।
बताया कि 21 अप्रैल 2015 को तत्कालीन कुलपति के आदेश पर कुलसचिव ने एपेक्स की संबद्धता समाप्त कर इसकी सूचना शासन को भेज दिया था। बताया कि मामले में काशी विद्यापीठ प्रशासन से भी आरटीआई का जवाब मांगा गया था लेकिन विश्वविद्यालय ने 40 दिन से अधिक होने के बाद कोई पत्र व्यवहार नहीं किया।
जिस पर कुलपति और कुलसचिव से मिलकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई और सूचना देने में हीला हवाली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने बताया कि आरटीआई का जवाब एक निश्चित समय के भीतर दिया जाता है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं की गई।