आपको बताएं, लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी, कच्चीबाग निवासी अनीसुर्रहमान और तीन अन्य ने वाद दाखिल कर राज्य सरकार, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी, डीएम और पुलिस आयुक्त को पक्षकार बनाया था। साथ ही अदालत से अनुरोध किया कि विपक्षीगण को मना किया जाए कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजार और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिहा पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन करने के अधिकार से वंचित न किया जाए।