पिछली तारीख पर वाराणसी प्रशासन की तरफ से विशेष अधिवक्ता ने अदालत एक अर्जी दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि ज्ञानवापी के सील वजूखाने में लगे हुए कपड़े और ताले खराब हो गए हैं। इसे बदलना जरूरी है। इस पर अन्य पक्षकार की तरफ से आपत्ति दाखिल करने के समय दिया गया था। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से आपत्ति देने के लिए समय भी मांगा था जबकि हिन्दू पक्ष की ओर से कोई आपत्ति नहीं दाखिल करने बात कही गई थी। अदालत ने 22 अगस्त की तिथि नियत कर दी थी।
शृंगार गौरी मामले में भी तीन सितंबर को होगी सुनवाई
ज्ञानवापी के शृंगार गौरी से जुड़े मामले में चोलापुर निवासी जयप्रकाश रामचंद्र राजभर ने अर्जी दाखिल की थी। इस पर भी सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि तीन सितंबर तय कर दी।