ज्ञानवापी परिसर की भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट बुधवार को मुकदमे के पक्षकारों ने सार्वजनिक कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक ज्ञानवापी बड़ा हिंदू मंदिर था। सर्वे के दौरान 32 जगह मंदिर से संबंधित प्रमाण मिले हैं। पश्चिमी दीवार हिंदू मंदिर का हिस्सा है। इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। जो स्तंभ मिले हैं, वो हिंदू मंदिर के हैं।
ज्ञानवापी स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन और अन्य विग्रहों के संरक्षण की मांग करने वाली पांचों महिलाओं ने घर की चौखट से निकलकर कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाया। घरेलू कामकाज करने वाली पांचों महिलाओं की मुलाकात काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के दौरान होती थी।
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इसी दौरान अयोध्या राम मंदिर का मुकदमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन से मुलाकात हुई और ज्ञानवापी मामले का वाद दाखिल हुआ। वादी महिलाओं में शामिल सीता साहू ने बताया कि हम चार महिलाएं मंजू व्यास, रेखा पाठक और लक्ष्मी देवी श्रृंगार गौरी के दर्शन पूजन के लिए जाते थे।
वहां मुलाकात के दौरान हमें श्रृंगार -गौरी के दर्शन नहीं मिलने और वर्ष में एक दिन चौखट से दर्शन पूजन की व्यवस्था पर खिन्नता होती थी। लक्ष्मी देवी के पति सोहन लाल आर्य के जरिये हरिशंकर जैन मुलाकात हुई। वहां हमने अपनी पूरी व्यथा बताई तो उन्होंने तथ्यों को जांच परखकर अगस्त 2021 में वाद दाखिल किया।
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सीता साहू ने बताया कि मैं, रेखा पाठक और लक्ष्मी घर के साथ ही समाजसेवा भी करते थे। एएसआई सर्वे की रिपोर्ट ने मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन पूजन की राह की ओर अहम कदम है।
वादी पक्ष से बात
एएसआई की रिपोर्ट ने चार सौ वर्ष से फैलाए जा रहे झूठ से पर्दा उठ चुका है। हमारे आराध्य के भव्य मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण किया गया है। अब हम जीत की ओर से बढ़ चुके हैं और भव्य मंदिर का मार्ग प्रशस्त हो गया है। -राखी सिंह, वादी, हिन्दू पक्ष
यह हमारे जीवन का बहुत बड़ा दिन है और हमारी बातों पर एएसआई ने मुहर लगा दी है। एएसआई की रिपोर्ट में स्पष्ट है कि यह आदि विश्वेश्वर का मंदिर है। दूध का दूध और पानी का पानी वाली इस रिपोर्ट ने हिन्दूओं की चार सौ वर्षों की लड़ाई को अंजाम पर पहुंचा दिया है। -सीता साहू, हिन्दू पक्ष
यह हमारे के लिए कितने कष्ट और शर्म की बात है कि आदि विश्वेश्वर के स्थान को वजू खाना बनाया गया है। हम अदालत में मांग करेंगे कि वजू खाने का एएसआई सर्वे कराया जाए। ताकि पूरी हकीकत सामने आए। आदि विश्वेश्वर पहले ही अधिवक्ता आयुक्त के सर्वे में मिले हैं। -मंजू व्यास, वादी
एएसआई की 839 पेज की रिपोर्ट में मुगल आक्रांताओं के अन्याय की कहानी को प्रस्तुत कर दिया है। ज्ञानवापी की दीवार से लेकर छत और जमीन सदियों की हकीकत को बता रही हैं। एएसआई ने एक एक सच्चाई को दुनिया के सामने रख दिया है। -रेखा पाठक, वादी
पूरे परिसर में हिंदू देवी देवता विराजमान है और 400 साल पहले अत्याचार कर हमारे मंदिर को तहस नहस करने का प्रयास किया गया। एएसआई की रिपोर्ट ने हमारे बाबा को विराजमान कर दिया है। अब वजूखाने का सर्वे कराकर आदि विश्वेश्वर के विराजमान का खुलासा कराएंगे। -लक्ष्मी देवी, वादी