ज्ञानवापी मामले की आज सुनवाई
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जिला जज की अदालत में तीन आवेदनों पर सुनवाई नहीं हुई है। इसमें वादी पक्ष ने वजू स्थल पर मिले शिवलिंग के नीचे के तहखाने की दीवार तोड़कर और बांस बल्ली को हटाकर कमीशन की कार्यवाही की मांग की है। जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से दिए गए आवेदन में वजूखाने के तालाब की मछलियों को संरक्षित किए जाने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी ने भोग, राग, शृंगार और पूजा पाठ के अधिकार के लिए पक्षकार बनने की मांग की है।
वाराणसी के मां श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर छिड़े घमासान के बीच मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में भगवान आदि विश्वेश्वर विराजमान के लिए एक और मुकदमा दाखिल किया गया है। यह मुकदमा विश्व वैदिक सनातन संघ की अंतरराष्ट्रीय महामंत्री किरण सिंह की ओर से दाखिल किया गया है।
सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने वाद दर्ज करने की अनुमति दी है। साथ ही, प्रकरण में सुनवाई की अगली तिथि 25 मई नियत की है। इसमें ज्ञानवापी परिसर में मुस्लिम पक्ष का प्रवेश प्रतिबंधित, संपूर्ण परिसर हिंदुओं को सौंपने और प्रकट हुए भगवान आदि विश्वेश्वर स्वयंभू ज्योतिर्लिंग की पूजा पाठ शुरू करने की अनुमति की मांग की गई है।