ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन व अन्य विग्रहों के संरक्षण के मुकदमे में वादिनी राखी सिंह की ओर से बुधवार को जिला जज की कोर्ट में एडवोकेट शिवम गौड़ ने आवेदन किया। आवेदन में कहा है कि ज्ञानवापी परिसर सर्वे के पहले एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दें।
व्यक्तिगत मतभेद के कारण एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र का प्रतिवेदन प्रस्तुत न करना और स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर के साथ उनके मतभेद कमीशन की कार्रवाई के उद्देश्य को विफल कर रहे हैं। साथ ही, कमीशन की विश्वसनीयता पर संदेह की छाया पैदा करते हैं। यह मुकदमे के लिहाज से अपूरणीय क्षति है। उनकी रिपोर्ट और गवाही निश्चित रूप से इस मुकदमे के उचित निर्णय के लिए कोर्ट की सहायता करेगी।
एडवोकेट शिवम गौड़ के मुताबिक सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट ने ज्ञानवापी परिसर में कमीशन के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था। यह सर्वे मई महीने में 6, 7, 14, 15 और 16 तारीख को हुई थी। कमीशन में शुरू से अंत तक एडवोकेट अजय कुमार मिश्रा मौजूद थे।
बाद में स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने कोर्ट में कहा कि एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा रिपोर्ट जमा करने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर को उनकी अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
उधर, राखी सिंह के पैरोकार विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने कहा कि एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट गायब कर दी गई है। यह एक अहम साक्ष्य है और उसे मिटाने का प्रयास किया गया है। इसीलिए उसे कोर्ट में पेश कराने के लिए हमारी ओर से आवेदन दिया गया है। इस मुकदमे को जिस तरह से कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, उससे जुड़े लोग बच नहीं पाएंगे।