श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने कहा कि बिना सर्वे के यह प्रमाणित नहीं होगा कि मंदिर ओर मस्जिद में क्या अंतर है। देखने से स्पष्ट है कि यह मंदिर है जिस पर मस्जिद बनाई गई है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण मिल जाए तो कोर्ट की राह आसान हो जाएगी। बहुत अच्छा निर्णय है और हम इसका स्वागत करते हैं और इस पर त्वरित कार्रवाई हो।
ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई द्वारा सर्वेक्षण कराए जाने के आदेश का विश्व ब्राह्मण परिसंघ पूर्वी उत्तर प्रदेश ने स्वागत किया है। विश्व ब्राह्मण परिसंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी डॉ. विद्यासागर पांडेय, अध्यक्ष प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी एवं महासचिव दिवाकर द्विवेदी ने कहा कि संबंधित मुस्लिम पक्ष को बाबा के मंदिर को ध्वस्त कर बनाई गई मस्जिद से अपना दावा छोड़ देना चाहिए, क्योंकि मस्जिद के ढांचे को देखने से यह स्पष्ट है कि यह प्रत्यक्ष रूप से मंदिर तोड़कर ही बनाया गया है, इससे न केवल सामाजिक समरसता मजबूत होगी तो सामाजिक सद्भाव में भी वृद्धि होगी।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ज्ञानव्यापी मंदिर परिसर का एएसआई की ओर से सर्वे कराने के न्यायालय के फैंसले का स्वागत किया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट न्यायालय के फैंसले का स्वागत करते हुए कहा हर हर महादेव का नारा दिया। वहीं उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी न्यायालय के फैंसले का स्वागत करते हुए कहा कि संविधान सर्वोपरि है। देश के सभी नागरिकों व सभी पक्षधरों को इसका सम्मान करना चाहिए।