मसाजिद कमेटी पक्ष के अधिवक्ता अभय यादव
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सोहनलाल आर्य 52 लोगों की उस टीम में शामिल हैं जो एडवोकेट कमिश्नर की कार्रवाई ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कर रही थी। काशी के लिए आज का दिन स्वर्णिम इतिहास बनकर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। हम लोग सौभाग्यशाली इंसान कह लीजिये या अधिवक्ता जो हम लोगों को 1969 के बाद दर्शन के सौभाग्य प्राप्त हुए हैं।
वहीं अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी पक्ष के अधिवक्ताओं ने हिंदू पक्ष के दावे को खारिज कर दिया। अधिवक्ता ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं मिला। हम सर्वे से संतुष्ट हैं। कल, यानी 17 मई को कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। अधिवक्ता अभयनाथ यादव ने कहा कि सर्वे में क्या मिला, वो कोर्ट में साफ होगा और इसपर आपत्तियां भी की जा सकती हैं। हमें अंदर कुछ नहीं दिखा।
वहीं अधिवक्ता मुमताज अहमद ने कहा कि शिवलिंग मिलने का दावा एकदम गलत है। तालाब की सफाई की गई। हमें वहां ऐसा कुछ नहीं दिखा। हम कोर्ट में अपना पक्षा रखेंगे। मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता एखलाक अहमद ने कहा कि तीसरे दिन कमीशन कार्यवाही हो गई। रिपोर्ट दाखिल उसके बाद देखा जाएगा। चूंकि अदालती मामला है इस नाते इस पर किसी भी प्रकार का कमेंट करना ठीक नहीं है। कोर्ट को कमीशन की कार्यवाही का अधिकार है। कोर्ट कमिश्नर की देखरेख में वजूखाने का पानी निकालकर वीडियोग्राफी कराई गई।
वाराणसी के जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कहा कि सर्वे को लेकर अगर किसी ने कोई बात कही है या किसी बात का दावा किया है तो यह उनकी व्यक्तिगत राय है। ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मामले में कोर्ट कमिश्नर द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बाद कोई भी बात अदालत के द्वारा ही बताया जाएगा। किसी की बात पर कोई ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।