इस पर अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की ओर से आपत्ति दाखिल करते हुए विरोध दर्ज कराया गया। अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी का तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी मामले में किसी भी प्रकार का आदेश पारित करने पर रोक लगा रखी है, इसलिए इस अर्जी पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता।
कोर्ट ने प्रशासन से अर्जी को नॉट प्रेस करने को कहा, लेकिन प्रशासन की ओर से अर्जी को नॉट प्रेस नहीं किया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहले 15 दिसंबर की तिथि आदेश के लिए तय की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए अब किसी भी आदेश से इन्कार कर दिया।