सिविल जज सीनियर डिविजन हितेश अग्रवाल की कोर्ट में मंगलवार को ज्ञानवापी में पूजा-पाठ और राग-भोग सहित अन्य मांगों से संबंधित अर्जेंट वाद की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से बहस की गई। सुनवाई की अगली तिथि 29 नवंबर नियत की गई है। इस मुकदमे के माध्यम से शैलेंद्र योगी राज ने ज्ञानवापी में पूजा-पाठ और राग-भोग की अनुमति मांगी थी।
1991 से 2023 तक के 15 वादों की हाईकोर्ट में सुनवाई की मांग
ज्ञानवापी से संबंधित 15 वादों की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट में कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका मां शृंगार गौरी की लक्ष्मी देवी, सीता साहू, रेखा पाठक और मंजू व्यास की ओर से दाखिल की गई है। 15 वादों में वर्ष 1991 से लेकर वर्ष 2023 तक के वाद शामिल हैं।
ज्ञानवापी से संबंधित पहला वाद प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वर का वाद मौजूदा समय में सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में विचाराधीन है। वर्ष 2021 के साध्वी पूर्णांबा और वर्ष 2022 के राखी सिंह, भगवान अविमुक्तेश्वर विराजमान व मुख्तार अहमद अंसारी के वाद भी सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में विचाराधीन है।
वर्ष 2023 का संचित रस्तोगी और श्री नंदीजी महाराज के वाद भी सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में विचाराधीन हैं। इसके अलावा जिला जज की अदालत में वर्ष 2023 के सत्यम त्रिपाठी, देवी मां शृंगार गौरी, मां गंगा, लॉर्ड श्री आदि विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग, श्री नंदीजी महाराज, भगवान आदि विश्वेश्वर, स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद व शैलेंद्र कुमार पाठक के वाद विचाराधीन हैं।