अयोध्या के संत जीयर स्वामी ने मंगलवार को केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ में मंगलवार सुबह अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने ज्ञानवापी नंदी का पूजन करने का हवाला देते हुए अनशन खत्म करने की अपील की, लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी मांगों पर अड़े रहे।
अयोध्या से पधारे जीयर स्वामी और अविमुक्तेश्वरनंद के बीच करीब डेढ़ घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा खत्म हुई। अनशन पर बैठे संत ने कहा कि जब तक ज्ञानवापी में पूजन-अर्चन नहीं कर लेते अनशन खत्म नहीं होगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि प्रशासन उनसे सीधे वार्ता करने से कतरा रहा है। आरोप लगाया कि प्रशासन सिर्फ एक पक्ष की सुन रहा है। हिंदू वादी सरकार होने के बावजूद हिंदुओं के साथ अन्याय किया जा रहा है।
ज्ञानवापी में शिवलिंग की पूजा आराधना करने से रोके जाने के बाद अन्न जल त्याग केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को कहा था कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह परमधर्म सेना का गठन करेंगे। इसके साथ ही 11 लाख से अधिक साधु संतों को भी जुटाएंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जिलाधिकारी पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या करने का आरोप लगाया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जिस प्रकार जिलाधिकारी ने पूर्व में मेरे पत्रों का तुरंत जवाब दिया, उसी तरह का जवाब देना चाहिए। चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिला तो अवमानना का केस भी दायर करेंगे।