एएसआई ने ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए अदालत से चार बार मोहलत मांगी।
- दो नवंबर 2023 को अदालत ने एएसआई को 15 दिन का समय दिया।
- 17 नवंबर 2023 को एएसआई ने फिर 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा। इस पर 10 दिन की मोहलत देते हुए 28 नवंबर 2023 तक रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया।
- 28 नवंबर 2023 को एएसआई ने फिर 21 दिन की मोहलत मांगी। इस पर 30 नवंबर को 10 दिन की मोहलत देते हुए 11 दिसंबर 2023 तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश अदालत ने दिया।
- 11 दिसंबर 2023 को रिपोर्ट दाखिल करने में असमर्थता जताते हुए एएसआई ने एक हफ्ते का समय मांगा। इस पर अदालत ने 18 दिसंबर 2023 को रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। 18 दिसंबर 2023 को एएसआई ने ज्ञानवापी की सर्वे रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी।
ज्ञानवापी का सर्वे 15 अगस्त 2023 को सार्वजनिक अवकाश के कारण नहीं हुआ था। 16 अगस्त 2023 से छह सितंबर 2023 तक सर्वे जारी रहा। मसाजिद कमेटी के विरोध के कारण सात और आठ सितंबर 2023 को सर्वे नहीं हुआ था। नौ सितंबर 2023 से सर्वे फिर शुरू हुआ। दो नवंबर 2023 को एएसआई ने अदालत को बताया था कि सर्वे का काम पूरा हो गया।
वर्ष 2021 में दाखिल हुआ था मां शृंगार गौरी केस
मां शृंगार गौरी केस की सुनवाई के क्रम में ही जिला जज की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर (सील वजूखाने को छोड़कर) में एएसआई को सर्वे का आदेश दिया था। मां शृंगार गौरी केस राखी सिंह, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की ओर से सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 17 अगस्त 2021 को दाखिल किया गया था। अदालत के आदेश पर एक अधिवक्ता आयुक्त की अगुवाई में 6-7 मई 2022 को ज्ञानवापी में सर्वे की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 14 से 16 मई 2022 तक तीन अधिवक्ता आयुक्त ने ज्ञानवापी परिसर में सर्वे किया था। 16 मई 2022 को ही ज्ञानवापी स्थित वजूखाने में आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था। उसी दिन हिंदू पक्ष की मांग पर अदालत के आदेश से वजूखाने को सील कर दिया गया था।