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ज्ञानवापी: व्यासजी के तहखाने को डीएम को सौंपने की मांग पर अब 29 को सुनवाई, मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी

Wed, 27 Sep 2023 08:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने पर कब्जा करने का आशंका जताते हुए उसे डीएम की सुपुर्दगी में देने के मामले में काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी की गई है।  अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तिथि 29 सितंबर तय की है। 
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वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने को जिलाधिकारी की सुपुर्दगी में देने से संबंधित प्रकरण में दाखिल स्थानांतरण आवेदन के निस्तारण के लिए जिला जज की अदालत ने 29 सितंबर की तिथि नियत की है। अदालत ने वादी शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास और प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की दलीलें सुनी। प्रकरण के एक अन्य पक्षकार काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अदालत में कोई पेश नहीं हुआ। इस पर बुधवार को अदालत ने ट्रस्ट को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। अदालत में वादी शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास की ओर से अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी और सुधीर त्रिपाठी ने पक्ष रखा। वहीं, मसाजिद कमेटी की ओर से अधिवक्ता मुमताज अहमद ने पक्ष रखा।

ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी के तहखाने पर कब्जा करने का अंदेशा जताते हुए उसे जिलाधिकारी की सुपुर्दगी में देने के लिए शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में वाद दाखिल किया है। मुकदमे की सुनवाई के लिए उसे जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है।

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इस पर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने जिला जज की अदालत में आपत्ति दाखिल की है। मसाजिद कमेटी ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से वाद जिला जज की अदालत में स्थानांतरित किए जाने की अर्जी को खारिज किए जाने का अनुरोध किया है।

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मसाजिद कमेटी का कहना है कि नए वाद को विपक्ष की आपत्ति को सुने बगैर स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा होगा तो सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश के खिलाफ प्रथम अपील या निगरानी जिला जज की अदालत में दाखिल करने का विपक्षी का अधिकार समाप्त हो जाएगा। वहीं, सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत का कहना है कि वाद को जिला जज की अदालत में स्थानांतरित किए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
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