इस संबंध में उप राज्यपाल के यहां से पत्र भी मिल चुका है। महासभा के प्रतिनिधि भी उनके कार्यालय से संपर्क बनाए हुए हैं। दौरे का मुख्य उद्देश्य कश्मीर में तीर्थ पुरोहितों की समस्याएं, तीर्थों की स्थिति का आकलन करके यहाँ के उपराज्यपाल से मुलाकात करके उनको वास्तविक वस्तु स्थिति अवगत कराई जाएगी। 14 जुलाई को श्रीनगर पहुँचकर 15 जुलाई को अनंतनाग में तीर्थ पुरोहित पूजा-अर्चना करेंगे। फिर कश्मीर के पंडितों और पुरोहितों के साथ बैठक करेंगे। 16 जुलाई को खीर भवानी मंदिर में पूजन करेंगे और वहाँ की परिस्थितियों का जायजा लेंगे।
17 जुलाई को गवर्नर से मुलाकात करके कश्मीरी पंडितों और पुरोहितों की समस्याओं की एक रिपोर्ट सौपेंगे। प्रतिनिधिमंडल के साथ शारदा सर्वज्ञ पीठ कश्मीर के शंकराचार्य स्वामी अमृतानंद देव चक्रतीर्थ भी रहेंगे। कश्मीर रवाना हुए तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमंडल में मथुरा से महेश पाठक, नासिक से सतीश शुक्ला, त्रयम्बकेश्वर से जयंत शिकरे, प्रयागराज से राम किशन तिवारी, विंध्याचल से बनवारी लाल शर्मा, उज्जैन से अमर डिब्बा वाले, ओम्कारेश्वर से रामविलास व भीमाशंकर से मधुकर गावड़े आदि तीर्थ पुरोहित रवाना हुए।