वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित वजू स्थल पर गंदगी करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत दो हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई टल गई।
वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित वजू स्थल पर गंदगी करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत दो हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के आवेदन पर मंगलवार को सुनवाई टल गई। एसीजेएम पंचम उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने सुनवाई के लिए 30 अगस्त की तिथि नियत की है।
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क्या है पूरा मामला
ज्ञानवापी परिसर में 16 मई को कोर्ट कमिश्नर की कार्यवाही के दौरान शिवलिंग मिलने के दावे के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद ओवैसी पर हिंदुओं की धार्मिक भावना आहत करने वाला बयान देने का आरोप लगा था। अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अखिलेश, ओवैसी और उनके भाई समेत दो हजार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई थी।
आवेदन में कहा गया कि ज्ञानवापी सर्वे के दौरान वजू स्थल के पास शिवलिंग मिलने के दावे के बीच आराध्य देव के स्थान पर गंदगी करने से हिंदुओं की भावना आहत हुई। वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ज्ञानवापी प्रकरण पर बयान देकर हिंदुओं की भावनाओं पर कुठाराघात किया।
इसके साथ ही ज्ञानवापी के पास लगभग दो हजार लोगों ने हिंदू भावनाओं को उकसाने वाली नारेबाजी की। अदालत से इन परिस्थितियों में आरोपियों पर समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने का अनुरोध किया गया।