वाराणसी में प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लार्ड विश्वेश्वर से संबंधित ज्ञानवापी मामले में सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से जिला जज की अदालत में दाखिल निगरानी याचिका पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इस प्रकरण में सुनवाई की अगली तारीख 13 मई नियत कर दी गई है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हाईकोर्ट के निर्देश के आधार पर फिलहाल जिला अदालतों में केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई की जा रही है।
जिला जज की अदालत में दाखिल निगरानी याचिका में क्षेत्राधिकार को लेकर चुनौती दी गई है। कहा गया है कि सिविल जज की अदालत में लंबित याचिका को सुनवाई का अधिकार नहीं है। यह अधिकार वक्फ बोर्ड एक्ट के तहत सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड लखनऊ को है। बता दें कि सिविल कोर्ट की अदालत में वर्ष 1991 में लार्ड विश्वेश्वर की तरफ से याचिका दाखिल कर ज्ञानवापी में नए मंदिर निर्माण के साथ ही वहां स्थित अन्य मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ पूजापाठ की अनुमति मांगी गई थी। वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता अभय यादव के मुताबिक ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की है। वक्फ बोर्ड एक्ट के तहत इसकी सुनवाई लखनऊ स्थित वक्फ बोर्ड में ही होनी चाहिए। इसी को लेकर निगरानी याचिका लंबित है।