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Gyanvapi Case: शृंगार गौरी सहित अन्य मामलों की हुई सुनवाई, 19 अक्तूबर को पड़ी अगली तारीख

Sun, 06 Oct 2024 12:32 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

ज्ञानवापी से संबंधित मां शृंगार गौरी समेत अन्य मामलों की सुनवाई हुई। अदालत ने सभी मामलों की सुनवाई के लिए अगली तिथि 19 अक्तूबर नियत की है। 
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Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिला जज संजीव कुमार पांडेय की अदालत में शनिवार को मां शृंगार गौरी और ज्ञानवापी से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई हुई। अदालत ने सभी मामलों की सुनवाई के लिए अगली तिथि 19 अक्तूबर नियत की है।

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मां शृंगार गौरी के वाद में लक्ष्मी देवी सहित चार महिलाओं की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उनका एक आवेदन लंबित है। उन्होंने ज्ञानवापी से संबंधित वर्ष 1991 के लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के मामले की पत्रावली जिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने संबंधी अर्जी पर सुनवाई की गुहार लगाई। 

लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि इस संबंध में उन्हें कॉपी नहीं उपलब्ध कराई गई है। इसके बाद किरण सिंह की एक अन्य पत्रावली की सुनवाई की गुहार लगाई गई। कहा गया कि इसमें सिर्फ प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है। 
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अग्रिम करवाई के लिए सुनवाई की गुहार लगाई गई। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से कहा गया कि न्यायालय जिस भी अर्जी पर पहले सुनवाई करना चाहती है, उसके लिए हम तैयार हैं। उधर, सरकार के तरफ से नियुक्त अधिवक्ता राजेश मिश्रा ने कहा कि पक्षकारों के आपस में सामंजस्य न होने के कारण मुकदमे की सुनवाई बाधित हो रही है।

कृति वाशेश्वर महादेव के मामले की सुनवाई टली

सिविल जज जूनियर डिविजन शुभी अग्रवाल की कोर्ट में शनिवार को कृति वाशेश्वर महादेव को मुक्त कराने के वाद की सुनवाई टल गई। अभी सभी प्रतिवादी इस मामले में उपस्थित नही हो पाए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए पांच अक्तूबर की तिथि नियत की गई है।

हरतीरथ स्थित कृति वाशेश्वर महादेव की ओर से वैदिक सनातन न्यास के पदाधिकारी संतोष सिंह और विकास शाह ने वाद दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि ज्ञानवापी के पहले मुस्लिम आक्रांताओं ने इसी मंदिर को क्षति पहुंचाई थी और बगल में मस्जिद बना दी थी। उसी परिसर में मस्जिद बनने से मुस्लिम भी रहते हैं। इससे मंदिर में पूजा-पाठ, राग-भोग और आरती में व्यवधान उत्पन्न होता है। कृति वाशेश्वर महादेव खुले में हैं। परिसर को मुस्लिम समुदाय से मुक्त कराए जाने की गुहार लगाई गई है।

निगरानी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवधेश कुमार की कोर्ट में शनिवार को ज्ञानवापी में उर्स सहित अन्य धार्मिक आयोजनों की मांग के मामले में हिंदुओं को पक्षकार बनाने के खिलाफ लंबित निगरानी अर्जी पर सुनवाई नहीं हो पाई। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। निगरानी अर्जी लोहता के मुख्तार अहमद अंसारी की ओर से दाखिल की गई है। नंद लाल पटेल ने पक्षकार बनाने की अर्जी दी थी।
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अर्जेंट वाद की सुनवाई टली

 सिविल जज (सीनियर डिविजन) हितेश अग्रवाल की कोर्ट में शनिवार को ज्ञानवापी में पूजा-पाठ और राग-भोग सहित अन्य मांगों के अर्जेंट वाद की सुनवाई टल गई। न्यायिक अधिकारी अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 15 अक्तूबर को होगी। यह वाद शैलेंद्र योगीराज पिछले साल दाखिल कर ज्ञानवापी में पूजा-पाठ और राग-भोग की अनुमति मांगी थी।
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