ज्ञानवापी से जुड़े छह मामलों की बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। सभी प्रकरणों में सुनवाई की अगली तिथि नियत कर दी गई है। प्रभारी जिला जज की अदालत में मां शृंगार गौरी मूल वाद पर सुनवाई हई। इसमें वादिनी राखी सिंह की तरफ से ज्ञानवापी के बंद तहखानों और खंडहरों का एएसआई से सर्वे कराने का आवेदन अधिवक्ता सौरभ तिवारी व अनुपम द्विवेदी की तरफ से किया गया है। कोर्ट ने आपत्ति दाखिल करने के लिए 28 फरवरी की तिथि नियत कर दी।
शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास की ओर से व्यासजी के तहखाने को लेकर दाखिल वाद की पोषणीयता को लेकर मसाजिद कमेटी की ओर से दिए गए आवेदन और जिला जज द्वारा पूजा पाठ को लेकर दिए गए आदेश पर रोक लगाने संबंधी आवेदन से संबंधित मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण इस आवेदन पर अब 28 फरवरी को सुनवाई होगी।
लॉर्ड आदि विश्वेश्वर की तरफ से दाखिल वाद की वादमित्र अनुष्का तिवारी और इंदु तिवारी की तरफ से शृंगार गौरी वाद व अन्य लंबित वादों को एकसाथ सुनने का अनुरोध जिला जज की अदालत में किया है। अब इस मुद्दे पर 26 फरवरी को सुनवाई होगी। साध्वी पूर्णांबा और शारदांबा की ओर से आदि विश्वेश्वर की पूजा को लेकर दाखिल वाद पर 28 फरवरी को सुनवाई होगी।
सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में लखनऊ की आकांक्षा तिवारी व अन्य की तरफ से नंदीजी महराज को ज्ञानवापी में मिली शिवलिंग जैसी आकृति के दर्शन आदि को लेकर दाखिल वाद पर सात मार्च को सुनवाई होगी।
इसी अदालत में शिवलिंग जैसी आकृति को आदि विश्वेश्वर बताते हुए उनकी पूजा व राग-भोग के लिए शैलेंद्र योगीराज की तरफ से दाखिल अर्जेंट वाद में पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर रहने के कारण 26 फरवरी को अब सुनवाई होगी। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में लार्ड अविमुक्तेश्वर वाद में 28 फरवरी की तिथि नियत कर दी गई।
लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ केस की सुनवाई आज
सिविल जज सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रशांत कुमार की अदालत में वर्ष 1991 में दाखिल प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ बनाम अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी व अन्य के वाद में शुक्रवार को सुनवाई होगी।