पीएम मोदी अपने काशी दौरे के दौरान देश के तीसरे नेशनल एजिंग सेंटर की आधारशिला रखेंगे। इसके बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पास खाली जमीन पर 200 बेड का छह मंजिला भवन बनेगा। जिससे एक ही छत के नीचे बुजुर्गों को इलाज की सुविधा मिल जाएगी।
आईएमएस बीएचयू में बुजुर्गों को जांच और इलाज की सुविधा एक ही छत के नीचे मिल जाएगी। बीएचयू में जीरियाट्रिक केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर (नेशनल एजिंग सेंटर) बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 फरवरी को इसकी आधारशिला रखेंगे।
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बीएचयू परिसर में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पास पेट्रोल पंप और नर्सिंग हॉस्टल वाली खाली जगह पर सेंटर बनाया जाएगा। अभी तक एम्स दिल्ली और मद्रास मेडिकल कॉलेज में ऐसा सेंटर चल रहा है। बीएचयू में देश का तीसरा सेंटर बनाया जाएगा। बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में हर दिन लगभग आठ हजार मरीज आते हैं। इसमें 1500 से अधिक संख्या 60 साल से अधिक आयु वालों (महिला और पुरुष) की होती है। नेशनल प्रोग्राम फॉर हेल्थकेयर ऑफ द एल्डरली के तहत बनने वाले छह मंजिला सेंटर में 200 बेड पर बुजुर्गों को भर्ती करने की सुविधा होगी।
इन बीमारियों का होगा इलाज
गठिया
हाइपरटेंशन
डिमेंशिया
मानसिक स्वास्थ्य
नेत्ररोग, नाक, कान, गला संबंधी समस्या।
हृदय रोग
हड्डी रोग सहित अधिक उम्र में होने वाली अन्य बीमारियां
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क्या कहते हैं अधिकारी
नेशनल एजिंग सेंटर की आधारशिला प्रधानमंत्री रखेंगे। संस्थान स्तर पर इसकी तैयारियां चल रही हैं। इस सेंटर से आईएमएस के अन्य विभाग भी जुड़ेंगे। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक आईएमएस बीएचयू