वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी मूल वाद में दो आवेदनों पर जिला जज की अदालत में लगभग एक घंटे सुनवाई हुई। अदालत ने आदेश के लिए 26 सितंबर की तिथि नियत की है।
अदालत ने चार महिला वादिनियों के उस आवेदन पर सुनवाई की जिसमें कहा गया है कि सर्वे में मिल रहे हिन्दू धर्म से जुड़े साक्ष्य डीएम के पास सुरक्षित व संरक्षित किए जाय। इस पर अंजुमन ने आपत्ति जताई और कहा कि डीएम इस मामले में पक्षकार है ऐसे में उनके पास सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है। वहीं, दूसरा आवेदन अंजुमन का था जिसमें सर्वे, बिना फीस जमा किये और कोर्ट द्वारा रिट जारी किये बगैर किये जाने कि बात कही गई है। जिस पर हिन्दू पक्ष ने आपत्ति जताई और कहा कि कोर्ट के आदेश पर एएसआई सर्वे कर रही है। ऐसे में फीस जमा किया जाना आवश्यक नहीं है।
यह भी पढ़ें- PHOTOS: कहीं स्ट्रेचर पर लेटे मरीज, खाली पड़ा ओपीडी एरिया, डॉक्टरों की हड़ताल से मरीजों का हाल बेहाल
अदालत ने दोनों आवेदनों पर सुनवाई के बाद आदेश के लिए मंगलवार यानि 26 सितंबर की तिथि नियत कर दी है। वहीं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा सर्वे के दौरान मिले कथित शिवलिंग के दर्शन-पूजन, राग-भोग की अनुमति देने वाले वाद पर भी आदेश आएगा। इसी के साथ अब मूल वाद पर अगली सुनवाई बुधवार को होगी।
बता दें कि श्रृंगार गौरी मूल वाद में जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में 13 सितंबर को सुनवाई टल गई थी। वकीलों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के कारण सुनवाई के लिए 21 सितंबर यानी आज की तिथि तय की गई थी।