मां शृंगार गौरी प्रकरण की चार महिला वादिनियों सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक की ओर से जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत से अनुरोध किया गया था कि ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े एक ही प्रकृति के सात अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई जिला जज की अदालत में की जाए।
ज्ञानवापी से जुड़े सात मामलों की सुनवाई एक साथ, एक अदालत में किए जाने से संबंधित मांग पर मंगलवार को फैसला आ सकता है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में हुई। वादिनी महिलाओं के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी के मुताबिक, अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। मंगलवार को फैसला आ सकता है।
मां शृंगार गौरी प्रकरण की चार महिला वादिनियों सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक की ओर से जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत से अनुरोध किया गया था कि ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े एक ही प्रकृति के सात अलग-अलग मुकदमों की सुनवाई जिला जज की अदालत में की जाए। इसके बाद जिला जज की अदालत ने आदेश पारित किया और अलग-अलग मुकदमों से संबंधित फाइलें तलब कीं। अब अदालत को तय करना है कि सभी मुकदमों की सुनवाई एक साथ एक अदालत में संभव है या नहीं। मामले में सभी पक्षों के बयान दर्ज हो चुके हैं।