व्यासजी के तहखाने में पूजा-पाठ शुरू होने के विरोध में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की अपील पर शुक्रवार को ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने के लिए नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा। हालत यह हुई कि ज्ञानवापी मस्जिद में पैर रखने की भी जगह नहीं बची और पुलिस को नमाजियों को लौटाना पड़ा।
दोपहर बाद भीड़ ने दालमंडी में नारेबाजी कर माहौल गरमाने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इस दौरान दिन भर मुस्लिम इलाकों की दुकानें-कारखाने बंद और करघे व लूम खामोश रहे। मसाजिद कमेटी की अपील के मद्देनजर जिले भर में पुलिस और प्रशासनिक महकमा बृहस्पतिवार से ही हाई अलर्ट पर था।
शुक्रवार की सुबह हुई तो पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने जिले भर में पैदल गश्त शुरू कर दी। मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील इलाकों में पुलिस का विशेष रूप से फोकस रहा। गोदौलिया से चौक थाना मार्ग पर बांसफाटक और मणिकर्णिका प्रवेश द्वार पर बैरिकेडिंग की गई थी।
ज्ञानवापी के बाहर विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 से लेकर चौतरफा डेढ़ से दो किलोमीटर के दायरे में सड़क, गलियों और भवनों की छतों पर फोर्स तैनात थी। ज्ञानवापी में नमाज खत्म हुई और लोग बाहर निकल कर जाने लगे तो लगभग 2:30 बजे दालमंडी में तकरीबन 250 लोगों की भीड़ ने नारेबाजी कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।
नारेबाजी सुनकर पीछे से पुलिसकर्मी दौड़े तो सभी भाग निकले और पांच से सात मिनट बाद माहौल सामान्य हो गया। इस दौरान सुबह से शाम तक कमिश्नरेट और जिला प्रशासन के आला अफसर सड़कों पर ही नजर आए। ज्ञानवापी पहुंचे पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने कहा कि सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। अनुभवी पुलिस अफसरों की टीम फील्ड में तैनात है। कमिश्नरेट में शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बरकरार है।
नजदीक की किसी और मस्जिद में चले जाएं
ज्ञानवापी में नमाज पढ़ने वालों की भारी भीड़ उमड़ने के बावजूद वहां आने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही थी। भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ने पर पुलिस ने ज्ञानवापी की ओर आने वाले नमाजियों को मणिकर्णिका प्रवेश द्वार पर रोकना शुरू कर दिया। सभी से अपील की गई कि वह नजदीक की अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने चले जाएं। भारी संख्या में फोर्स देखकर नमाजियों ने पुलिस अफसरों की अपील को गंभीरता से लिया और दूसरी मस्जिदों का रुख किया।
शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में दिखा बंदी का असर, गांवों में बेअसर
ज्ञानवापी स्थित व्यासजी के तहखाने में पूजा शुरू होने के विरोध में शुक्रवार को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी की बंदी की अपील का असर शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में दिखा। ग्रामीण इलाकों में बंदी का कोई खास असर नहीं देखने को मिला है।
दुकानें बंद, सड़कों पर रही हलचल
रेवड़ी तालाब और मदनपुरा में दुकानें बंद मिलीं, लेकिन सड़कें नमाजियों से गुलजार रहीं। रेवड़ी तालाब मेंं सुबह 11 बजे से ही हलचल शुरू हो गई थी। तिलभांडेश्वर पार्क में पीएससी ने कैंप लगाया था। मदनपुरा में भी पुलिस और पीएसी के बीच लोगों की आवाजाही जारी रही।
जहां पैर रखने की जगह नहीं रहती, वहां सन्नाटा
दालमंडी, सराय हड़हा और नई सड़क जैसे इलाके रोजाना ग्राहकों से गुलजार रहते हैं। ऐसे इलाकों में भी दुकानों के शटर ही नहीं उठे और सन्नाटा पसरा रहा। चाय-पान की दुकानों पर गिनती के ही लोग नजर आए।
बजरडीहा इलाके में सुबह से गश्त कर रही थी पुलिस
बजरडीहा इलाके के मुहल्लों,सड़कों और गलियों में पुलिस सुबह से ही पैदल गश्त कर रही थी। इस बीच मीट सहित अन्य सामग्रियों की कुछेक दुकानें खुली भी दिखीं। चाय-पान की दुकानों पर मौजूद लोगों के बीच ज्ञानवापीकी चर्चा रही।
आम आदमी का विवाद से लेना-देना नहीं
विशेश्वरगंज से आदमपुरा की ओर बढ़ते ही अंबिया मंडी से पुलिस की किलेबंदी दिखी। जुमे की नमाज का वक्त हुआ तो नमाजियों के सारे रास्ते मस्जिदों की ओर हो गए। इस दौरान पुलिस फोर्स ने निगरानी बढ़ा दी और भीड़ कहीं एकत्र न होने पाए, इसके लिए नमाजियों को सड़क पर भी लगातार आगे बढ़ते रहने के लिए हिदायत दी जाती रही।
ज्ञानवापी: व्यासजी के तहखाने में विराजमान देवता के रिसीवर हैं जिलाधिकारी
ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाने में विधि-विधान से विराजमान देवता हर पल जिलाधिकारी की निगरानी में हैं। अपने स्थान पर पहुंचने के बाद भी जिलाधिकारी उनके रिसीवर हैं और उनके राग-भोग सहित हर पल की रिपोर्ट तैयार करवा रहे हैं। जिला जज के आदेश पर ही ज्ञानवापी परिसर में मिली मूर्तियां और अन्य सामग्रियां जिलाधिकारी को सौंपी गई हैं। विराजमान होने के बाद भी प्रतिमाएं जिलाधिकारी की सुपुर्दगी में ही हैं। इससे पहले विद्वत परिषद ने तहखाने का नाम बदलकर ज्ञान तलगृह किया था।
तलगृह में विराजमान देवता को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम ने सर्वे से प्राप्त किया था। 259 सामग्रियों को बतौर प्रमाण अदालत के आदेश पर जिलाधिकारी को सौंपा था। सर्वे के दौरान हनुमान की दो, विष्णु और गणेश की एक-एक, दो शिवलिंग और एक मकर प्रतिमा प्राप्त हुई थी।
अदालत के आदेश पर सुपुर्दगी वाली प्रतिमाओं का एएसआई की सर्वे रिपोर्ट से मिलान कराया गया, फिर उसे व्यासजी के तहखाने में रखवा कर पूजा शुरू कराई गई। प्रतिमाएं मेरी सुपुर्दगी में हैं। पूजा जारी है। अदालत का जो भी आदेश होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा।- एस राजलिंगम, जिलाधिकारी