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ज्ञानवापी केस: आदेश संशोधित अर्जी पर बेटियों की ओर से प्रति आपत्ति दाखिल, 25 जुलाई को अगली सुनवाई

Wed, 23 Jul 2025 03:36 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Gyanvapi Case: वादी रहे मृतक हरिहर पांडेय के बेटियों की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने संबंधित अर्जी पोषणीयता पर ही खारिज कर दी थी। 
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Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी के वर्ष 1991 के पुराने मामले में सुनवाई हुई। आदेश संशोधित अर्जी पर वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से दाखिल आपत्ति पर बेटियों की ओर से प्रति आपत्ति दाखिल की गई। 

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उधर, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से भी आपत्ति दाखिल की गई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि नियत कर दी। पिछले तिथि पर वादी रहे मृतक हरिहर पांडेय के बेटियों की ओर से वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी को हटाने संबंधित अर्जी पोषणीयता पर ही खारिज कर दी थी। 

इसके बाद उसी दिन बेटियों की ओर से अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने आदेश में संशोधित करने संबंधित अर्जी दाखिल कर दी थी। बेटियों की ओर से दाखिल अर्जी में कहा गया कि आदेश में त्रुटिपूर्ण है। इस पर आदेश को संशोधित करने की गुहार लगाई है। उस पर बृहस्पतिवार को वादमित्र विजय शंकर रस्तोगी की ओर से आपत्ति दाखिल की गई है। 
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उसमें कहा गया कि इस मामले में दोनों पक्षों के सुनने के बाद ही कोर्ट ने आदेश दिया है। इस आदेश में कोई त्रुटि नहीं है। इस आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में हो रिवीजन कर सकते हैं। संशोधित करने संबंधित कोई भी विधि व्यवस्था नहीं है। क्योंकि इस मामले पक्ष कार के लिए विकल्प है एक मात्र सत्र न्यायालय में रिवीजन दाखिल करना है। 

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