विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अवधेश कुमार की कोर्ट में मंगलवार को ज्ञानवापी में उर्स करने और मजार पर चादर चढ़ाने के मामले में कुछ हिंदू पक्ष के पक्षकार बनाने के खिलाफ लंबित निगरानी अर्जी पर सुनवाई टल गई। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई की तिथि नियत की गई।
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निचली कोर्ट ने फरवरी में सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत ने ज्ञानवापी में उर्स करने अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने की अनुमति देने संबंधी मुख्तार अहमद के वाद में तृतीय पक्षकार हिंदुओं को बनाने का आवेदन स्वीकार कर लिया था।
इस आदेश के खिलाफ मुख्तार ने सत्र न्यायालय में निगरानी अर्जी दाखिल की थी। निगरानी अर्जी पर बहस करते हुए नंद लाल पटेल ने कहा कि लोअर कोर्ट ने सरसरी तरीके से इस मामले आदेश दिया है, जिसे पक्षकार बनाने अनुमति दी। उनकी इस मामले में कोई कानूनी अधिकार नही बनता है नहीं कोई इन लोगों के संबंध में कागजात ही दी गई।
जबकि निगरानी कर्ता ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजार और अदृश्य मजार चादर चढ़ाने, फातिहा पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन पूर्व में करता आ रहा है, जो ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में स्थित है।