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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: गुटखा, तंबाकू को किया विदा और जीने लगे नई जिंदगी

Mon, 31 May 2021 01:15 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। तंबाकू स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक होती है। इस समय चल रहे कोरोना वायरस का खतरा तंबाकू सेवन करने वालों को ज्यादा है।
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वर्ल्ड नो टोबैको डे 2021 - फोटो : iStock
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विस्तार
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जिंदगी भगवान का दिया हुआ सबसे खूबसूरत तोहफा है। जिंदगी के खूबसूरत पलों को लोग शराब, ड्रग्स और तंबाकू आदि के नशे में डूबकर बर्बाद कर देते हैं। तंबाकू न सिर्फ जिंदगी तबाह कर देता है, बल्कि जिस अंदाज में यह जिंदगी को खत्म करता है वह बेहद दर्दनाक होता है। कई लोग शौक से तो कई अन्य वजहों से इसका सेवन करते हैं। लेकिन दोनों ही सूरतों तो में यह तंबाकू जीवन के लिए खतरा साबित होता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जिन्होंने इस नशे की लत को छोड़कर खुद के जीवन को जीवनदान दिया है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर दो उदाहरणों से आपको तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में बताएंगे।

केस - 1

भेलूपुर निवासी निजी कंपनी में कार्यरत एक पुरुष को 18 साल की उम्र में दोस्तों के साथ नशे की लत लग गई थी। पहले माता-पिता से छुपाकर गुटका खाता था, बढ़ती उम्र, शादी व बच्चों के बाद भी आदत नहीं छूटी। उसने बताया कि समय के साथ गुटखा खाना परिवार में झगड़े का कारण बनती गई। एक दिन दांत में दर्द हुआ तो डॉक्टर को दिखाया, उन्होंने कैंसर होने की आशंका जताई। डॉक्टर ने काफी काउंसिलिंग की, उस दिन उसे समझ आया कि मैंने कितनी बड़ी गलती की है। आज मैं गुटखा छोड़ चुका हूं।

केस 2

अमरा निवासी एक पेशे से ठेकेदार है। ठेकेदारी का काम करने के दौरान उन्हें गुटखा खाने की लत लगी। लेकिन यह लत, जिंदगी के लिए सजा से बन गई। धीरे धीरे मुझे शराब, सिगरेट की भी लत लग गई। एक दिन काम के दौरान मैंने कुछ ज्यादा नशा कर लिया और घर आने में काफी रात हो गई। घर आया तो देखा कि बेटा बुखार से तप रहा था। पत्नी बैठकर रो रही थी। उस दिन मुझे अपनी गलती का एहसास हुआ और मैंने ठान लिया कि नशा छोड़ दूंगा। एक साल में मैंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया।
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तंबाकू सेवन करने वालों को कोरोना का खतरा अधिक
बीएचयू दंत चिकित्सा संकाय के पूर्व संकाय प्रमुख व एंटी टोबैको कैंपेन के समन्वयक प्रो. टीपी चतुर्वेदी बताते है कि तंबाकू हृदय व सांस के रोगों का खतरा चार गुना ज्यादा कर देता है। वहीं स्ट्रोक के खतरे को दो गुना अधिक कर देता है। कोरोना का असर तंबाकू का सेवन करने वालों पर ज्यादा हो रहा है। बीड़ी और सिगरेट पीने से फेफड़े कमजोर होते हैं और ऐसे लोग को कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर वायरस खतरनाक ढंग से उनपर अपना प्रभाव डालता है। डॉ. चतुर्वेदी के अनुसार तंबाकू की वजह से लगभग 25 तरह की बीमारी व 40 तरह के कैंसर हो सकते हैं। नियमित रूप से तंबाकू सेवन करने से सांस का फूलना, टीबी, माइग्रेन, सिरदर्द, असमय बालों का झड़ना व सफेद होना, आंखो में मोतियाबिंद, हृदय की बीमारी व हार्ट अटैक, खून की बीमारी भी हो सकती है।

चार साल में 39012 कैंसर के मरीज, 11080 में मुंह का कैंसर -
होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र में इलाज के लिए आने वाले लगभग 30 प्रतिशत कैंसर मरीज मुंह के कैंसर से ग्रसित हैं। 30 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार, अस्पताल में 2018 से लेकर अब तक 39012 कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ है, इनमें से 11080 (28.39 प्रतिशत) मरीज मुंह और सिर के कैंसर से ग्रस्त पाए गए। दोनों संस्थानों के सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग के प्रभारी डॉ. असीम मिश्रा ने बताया कि तंबाकू न केवल एक इंसान बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करता है। 2020 में जारी पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (पीबीसीआर) रिपोर्ट के अनुसार, वाराणसी में पुरुषों में होने वाला हर तीन में से एक कैंसर मुंह से संबंधित पाया गया था।
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तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसान
-तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले कैंसर के कारण 50 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है।
-तंबाकू सेवन से हार्ट अटैक, अस्थमा, हाइपर टेंशन और ब्रोंकाइटिस जैसी कई बीमारियां होती है।
- शोध के अनुसार, तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करने से महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा रहता है।
- धूम्रपान करने वालों में इनफर्टिलिटी की समस्या होने की संभावना रहती है। पुरुषों में शुक्राणु की क्वालिटी खराब होती है।
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