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भारत-पाक के सांस्कृतिक रिश्तों में घुलेगी मिठास

Wed, 20 Apr 2016 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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दिल्ली के अशोका होटल में प्रख्यात गजल गायक गुलाम अली से मुलाकात करते महंत विश्वंभरनाथ मिश्र।
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संकट मोचन संगीत समारोह के लिए मंगलवार की रात नई दिल्ली में भारत-पाकिस्तान रिश्तों के बीच मोहब्बत का नया अध्याय लिखने की पहल हुई। दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों के बीच प्यार का यह नया अफसाना संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र की पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली से मुलाकात के बाद सामने आया।
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मुलाकात के दौरान जहां दोनों एक-दूसरे के गले मिले, वहीं गुलाम अली ने समारोह में शिरकत करने के लिए महंत का न्यौता भी कबूल भी कर लिया। गुलाम अली के साथ भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बाशित के भी बनारस आने के संकेत मिले हैं। समारोह में आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजा गया है।

पाकिस्तानी गजल गायक गुलाम अली गुजरे साल संकट मोचन संगीत समारोह में अपनी चर्चित गजल-हंगामा है क्यों बरपा थोड़ी सी जो पी ली है... को संकट मोचन के दरबार में सुरों से सजाकर विवादों में घिर चुके हैं। इस बार फिर उन्होंने संकट मोचन में आने का न्यौता स्वीकार कर लिया है।
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प्रो. मिश्र ने फोन पर बताया कि बुधवार देर रात तक यह तय हो जाएगा कि छह दिवसीय संगीत समारोह में गुलाम अली किस दिन हाजिरी लगाएंगे। बुधवार को गुजरात में संत मोरारी बापू के बुलावे पर उन्हें एक कार्यक्रम में शरीक होना है। इसके बाद गुलाम अली के गायन की तिथि तय होगी। गुलाम अली पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संकट मोचन में अपने सुरों का गुलदस्ता भेंट करना चाहते थे। यह इच्छा उन्होंने जताई थी। इस बार फिर वो आ रहे हैं। 
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