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उद्योग-पर्यटन में निवेश की अपार संभावनाएं

Mon, 12 Dec 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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गुजरात मौजूदा दौर में देश में सर्वांगीण विकास का मॉडल बन गया है। लेकिन विकास की यह रफ्तार सिर्फ गुजरात तक सीमित न रहे। इसके जरिए काशी में भी अच्छे दिनों की शुरुआत करने की जरूरत है। यहां बीएचयू जैसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान के बावजूद उच्च शिक्षा, उद्योग और व्यापार के लिए नई पीढ़ी का पलायन एक बड़ी चुनौती है। इसे रोकने के लिए कारगर कदम उठाए जाने चाहिए।
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यह बातें गुजरात की प्रमुख सचिव(प्रशासन) अनीता करवाल ने सदाकार गुजरात उत्सव के दूसरे और आखिरी दिन छावनी क्षेत्र के एक होटल में आयोजित काशी के विकास में गुजराती समाज के योगदान विषयक परिचर्चा में कहीं। गुजरात के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टीचर्स एजुकेशन विश्व विद्यालय के पूर्व उप कुलपति प्रो. कमलेश जोशीपुरा ने काशी और गुजरात के रिश्तों पर रोशनी डाली।

कहा कि गुजरात और काशी के रिश्तों की नींव काफी पुरानी और बेहद मजबूत है। गुजरात की आयुक्त(उद्योग) ममता वर्मा ने औद्योगिक स्थिति और प्रोत्साहन नीतियों की जानकारी दी। कहा कि केमिकल, पेट्रोकेमिकल, आटोमोबाइल, टेक्सटाइल, पर्यटन के क्षेत्रों में उद्योग, व्यापार और पूंजी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। गुजरात पर्यटन के के. विश्वास, प्रवासी गुजराती विभाग के प्रमुख सचिव एन पी लवंगिया, शहर विधायक रवींद्र जायसवाल ने विचार व्यक्त किए। गुजराती समाज के लोगों एवं प्रमुख उद्योगपतियों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए।
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इस मौके पर काशी गुजराती समाज, उत्तर क्षेत्र बाज खेड़ावाल समाज, वाराणसी वस्त्र उद्योग,रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन, वाराणसी विकास समिति, स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे। घनश्याम दास शाह ,काशी गुजराती समाज के अध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार रावल, संदीप पंड्या,अनिल पारीख, पुरषोत्तम पंड्या, राजीव सेलट ,आनंद श्रीवास्तव, जगदीश शाह, राजेंद्र गोयनका, लोकेश गुप्ता, अशोक गुप्ता, भारत शाह, रोशन गुजराती, योगेश पटेल, डॉ अंजना गुप्ता समेत तमाम लोग उपस्थित थे। संयोजन डॉ मनमोहन श्याम ने किया।अध्यक्षता महापौर राम गोपाल मोहले ने की। धन्यवाद ज्ञापन सदाकाल गुजरात के संयोजक विपिन भट्ट ने किया।

उध्‍ार, हंसी-ठहाकों की बौछार से सर्द हवाओं की सिहरन रविवार की रात कमजोर पड़ गई। कड़ाके की ठंड के बीच हास्य नाटक ‘रंग रंगीलो गुज्जुभाई’ के मंचन ने हंसगुल्लों के बीच गुदगुदी से गरमाहट पैदा कर दी। इसी के साथ अस्सीघाट पर दो दिवसीय ‘सदाकाल गुजरात’ उत्सव ने विराम ले लिया। दूसरे दिन भी गुजराती कला-संस्कृति की अनुपम छटा निहार कर लोग अभिभूत हुए। उत्सव की दूसरी निशा की शुरुआत गंगा आरती से से हुई। सुविख्यात अभिनेता सिद्धार्थ संदेरिया के हास्य अभिनय पर लोग कई बार लोटपोट हुए। अस्सी घाट पर नाटक की शुरुआत चुटीले संवादों और मजे हुए अभिनेताओं के जीवंत अभिनय से हुई।

कथासार के अनुसार पति को अपनी पत्नी पर शक हो जाता है कि उसका किसी से अफेयर चल रहा है। वहीं, पत्नी अपने पति पर इसी तरह का शक करती है। इन दोनों के बीच शक को लेकर हास्य में पगे संवादों से अस्सी घाट ठहाकों से गूंजता रहा। हिंदी और गुजराती दोनों ही भाषा में कलाकारों ने संवाद किए। नाटक में पति की भूमिका में सिद्धार्थ संदेरिया और पत्नी की भूमिका में सेजल व्यास थीं। गर्ल फ्रेंड की भूमिका में मार्गी कुलकर्णी का अभिनय शानदार रहा। इसके अलावा कलाकार जयदीप ने एक साथ चार भूमिकाओं का निर्वाह किया। प्रवीण सोलंकी द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन अभिनेता सिर्थाद्ध संदेरिया ने किया। इस बीच गुजरात हस्तशिल्प प्रदर्शनी में सुबह से रात तक गुजरात की कला और संस्कृति का अवलोकन करने वालों की भीड़ लगी रही। लोगों ने स्टालों पर सामानों की जमकर खरीदारी की।
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