पिछले साल नोटबंदी की मार तो इस बार शादी की तैयारियों पर जीएसटी का असर साफ दिख रहा है। जीएसटी लगने के कारण से शादी वाले घरों में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शादी में जरूरत की सामानों और सेवाओं पर टैक्स बढ़ने से लोगों की जेब पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।
शादी के लिए खरीदारी से लेकर मैरिज हॉल, होटल, गेस्ट हाउस, कैटरर, डेकोरेटर आदि की बुकिंग पर अभी तक 14 प्रतिशत तक सर्विस टैक्स लगता था लेकिन अब 18 से 28 प्रतिशत तक जीएसटी का भुगतान करना पड़ रहा है।
बाजार के विशेषज्ञों की मानें तो बारातियों के स्वागत में साढ़े पांच लाख रुपये तक का बजट जिन्होंने बनाया है, उन्हें करीब 96 हजार रुपये जीएसटी देना पड़ेगा। जीएसटी का असर उस परिवार पर सबसे ज्यादा पड़ेगा जिन्होंने, शादी का लंबा पैकेज तैयार किया है।
टू, थ्री और फाइव स्टार होटल्स की बुकिंग पर 28 प्रतिशत और इवेंट मैनेजमेंट सर्विस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वहीं, पहले टेंट लगाने वाले, खान-पान सेवाएं जैसे हलवाई, चाट, आइस्क्रीम, फल आदि के स्टॉल लगाने वाले पंजीकृत नहीं होते थे।
उन्हें गैर पंजीकृत बिल पर भुगतान करना होता था, इसलिए इन सेवाओं पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब इन सभी सेवाओं पर 10 से 18 प्रतिशत जीएसटी लागू हो गया है। इसी तरह आभूषणों के भी दाम बढ़ गए हैं।
सोना और हीरे के आभूषणों पर 1.6 प्रतिशत टैक्स लगता था, जो बढ़कर तीन फीसदी हो गया है। ब्यूटी पार्लर, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी महंगी हो गई है। 500 रुपये से ज्यादा की कीमत के जूते-चप्पल महंगे हो गए हैं, क्योंकि इन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है।