वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के कुरहुआ में सोमवार की रात जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े एनडी तिवारी (50) पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई। वारदात से रोहनिया थाने की पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार प्रथमदृष्टया यही समझ में आया है कि वारदात की वजह जमीन विवाद है। इसके साथ ही क्षेत्र के संदिग्ध गतिविधियों वाले तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रोहनिया थाना अंतर्गत अखरी निवासी एनडी तिवारी प्रत्येक सोमवार को शूलटंकेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाते थे। सोमवार की रात भी वह मंदिर से दर्शन-पूजन कर वापस घर जा रहे थे। कुरहुआ स्थित एक स्कूल के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका और बातचीत की। बातचीत के दौरान ही बेहद करीब से एनडी तिवारी पर अंधाधुंध फायरिंग की गई।
बदमाशों के असलहे से निकली पांच गोली एनडी तिवारी की गर्दन और सीने के समीप लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर लोग मौके पर भाग कर आए तो बाइक सवार हमलावर भाग निकले। स्थानीय लोगों की सूचना पर आई पुलिस आननफानन एनडी तिवारी को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गई जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
वारदात की सूचना पाकर आईजी रेंज एसके भगत और एसपी ग्रामीण बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि अब तक यही जानकारी मिली है कि एनडी तिवारी जमीन की खरीद-बिक्त्रस्ी का काम करते थे। इसके साथ ही वह ब्याज पर लोगों को पैसा भी बांटते थे।
आशंका यही है कि जमीन विवाद की रंजिश में ही एनडी तिवारी की हत्या की गई है। आरोपियों का पता लगाकर उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। उधर, एनडी तिवारी की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। एनडी तिवारी की पत्नी सुमन तिवारी की हालत बेसुधों जैसी थी। परिजनों ने बताया कि एनडी तिवारी का एक बेटा और दो बेटियां हैं।
रोजाना जाते थे मंदिर
एनडी तिवारी को करीब से जानने वालों ने बताया कि इधर वह कुछ परेशान से दिखते थे। प्रत्येक सोमवार की बजाय वह अब रोजाना शूलटंकेश्वर मंदिर जाते थे। एनडी तिवारी की जिन्होंने भी हत्या की है वह उनकी आवाजाही की रेकी के बाद की है।
उधर, एनडी तिवारी की हत्या के बाद अखरी सहित आसपास के गांवों के लोगों की खासी भीड़ बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जुट गई थी। एनडी तिवारी के भाई डीपी तिवारी ने बताया कि उनके बड़े भाई पूर्व में एक समाचार पत्र के लिए रोहनिया क्षेत्र की सूचनाओं के संकलन का काम करते थे।