बीते बृहस्पतिवार को पुत्री ने अपने प्रेमी को बताया कि मेरे पिता नानी के लिए खाना लेकर अस्पताल जा रहे हैं। इस सूचना पर प्रेमी जावेद अहमद ने अपने साथी आकिब अंसारी निवासी तमाचाबाद के साथ बाइक से किराना व्यवसायी का पीछा किया। रोहनिया स्थित करनाडाडी हाईवे के ओवरब्रिज पर मौका देखकर किराना व्यवसायी को दो गोली मारी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
फिर उसी रास्ते वो घर लौटा और पूरी जानकारी मृतक की पुत्री को दी। पुलिस की पूछताछ में जावेद ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल छह माह पहले बिहार के विक्रमगंज से खरीद कर लाया था। एसपी ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि इस घटना के खुलासे में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी चतुर्वेदी और रोहनिया थाना प्रभारी हरिनाथ भारती व उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गिरफ्तारी वाली टीम में सब इंस्पेक्टर रजनीश त्रिपाठी, कांस्टेबल कुलदीप सिंह, चंद्रसेन सिंह, रामाशंकर यादव, अविनाश शर्मा शामिल रहे।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यही सामने आया था कि किसी करीबी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। पहले बाकायदा राजेश की रेकी की गई और फिर सुनसान स्थल देख बदमाशों ने गोली मारी। 29 जुलाई की रात हत्याकांड के बाद मृतक के बड़े भाई और भतीजों समेत तीन के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज हुआ था।
बताया गया था कि जमीन विवाद को लेकर हत्या की गई थी। हालांकि पुलिस की जांच में मामला बिल्कुल अलग निकला। हत्याकांड के खुलासे के बाद गांव में चर्चाओं का दौर तेज है। पुलिस ने सबी आरोपियों को जेल भेज दिया है।