नव वर्ष-2021 का स्वागत काशीवासियों ने पूरी मस्ती से किया। गुरुवार को घड़ी की दोनों सुइयां जैसे ही 12 पर मिली वैसे ही शहर में धूम-धड़ाका शुरू हो गया। आसमान में आतिशबाजी से सतरंगी छटाएं रह-रहकर छाती रहीं।
साल के पहले दिन काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों की लंबी लंबी लाइन लगी रही। जो कि बढ़ते-बढ़ते बांसफाटक से गोदौलिया होते ढेरसी पुल तक जा पहुंची। भीड़ के दबाव को देखते हुए दो पहिया वाहनों को गोदौलिया से आगे जाने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। यही हाल संकटमोचन पवनसुत के धाम का भी रहा, जहां अंजनिसुत के दर्शन के लिए भक्त लालायित नजर आए।
नए साल की पूर्व संध्या पर कोविड प्रोटोकॉल की वजह से अधिकांश युवाओं ने घर की छत पर ही म्यूजिक सिस्टम लगाकर महफिल सजाई, तो कहीं सर्द रात में कैंप फायर और तंदूरी पार्टी का लुफ्त उठाया गया। बच्चा पार्टी ने केक काटकर माता पिता संग सबको हैप्पी न्यू ईयर कहा।
घरों में बना इंडियन व चाइनीज व्यंजन
कोरोना काल में जो परिवार होटल में जाकर नए साल का जश्न नहीं मना पाए, उन्होंने घरों में ही इंडियन, चाइनीज और इटालियन का स्वाद चखा।