सात साल तक रहे जेल में
पंत जी 1921, 1930, 1932 और 1934 के स्वतंत्रता संग्रामों में लगभग सात वर्ष जेलों में रहे। साइमन कमीशन के आगमन के खिलाफ 29 नवंबर 1927 में लखनऊ में जुलूस व प्रदर्शन करने के दौरान अंग्रेजों के लाठीचार्ज में उनको चोटें आईं, जिससे उनकी गर्दन झुक गई थी।
हिंदी को दिलाया राजकीय भाषा का दर्जा
1955 में केंद्र सरकार में गृह मंत्री बने। इस दौरान इनकी उपलब्धि रही भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन। अगर पंत को सबसे अधिक किसी चीज के लिए जाना जाता है तो हिंदी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने के लिए ही जाना जाता है। 1957 में इनको भारत रत्न मिला।
सात मार्च को हुआ था निधन
गोविंद बल्लभ पंत का जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा में हुआ था। सात मार्च 1961 को उनका निधन हुआ था।