जहां नीतिगत निर्णय लेना होगा, वहां नीतियां बनाकर व्यवस्था होंगी। उन्होंने अपने 20 वर्ष में महिला एवं बाल विकास व शिक्षा में गुजरात सरकार में किए गए कार्यों के अनुभवों से काशी सहित पूरे उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल कल्याण को जमीनी स्तर पर गहराई से प्रभावकारी सुधार के संदेश दिए। पोस्टिक आहार को बच्चे के स्वाद के भी अनुरूप बनाएं। चाय की प्रबृत्ति नहीं डालें। दूध पीने के प्रति रुझान बढ़ाएं। यह सब शुरुआत से ही करें।
बनारस की आंगनबाड़ी में अच्छा काम हो रहा है। आज 21वीं सदी के बच्चों का आईक्यू तेज है, उनमें ग्रेप्स पावर अच्छी है। बच्चों को सिखाते समय बीच-बीच में शब्दों व गिनती आदि को पूछो। आंगनवाड़ी केंद्रों एवं प्राइमरी विद्यालयों में शिक्षा की एकरूपता के लिए केंद्र व स्कूल खुलने के समय से ही उस वर्ष के किसी माह पैदा होने वाले बच्चों का दाखिला लें, ताकि सभी पूरा कोर्स पढ़ सकें। उन्होंने बच्चों को सिखाने के कुछ टिप्स भी बताएं।