पौधरोपण के बाद पानी डालतीं राज्यपाल
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शीघ्र छंट जाएंगे मंदी के बादल
भदोही। कालीन उद्यमियों ने राज्यपाल से उद्योग में मंदी की बात नहीं की, लेकिन अपने संबोधन में राज्यपाल ने लोगों के दर्द को महसूस किया। उन्होंने कहा कि मंदी जरूर है, लेकिन भारत में नहीं है बल्कि पूरे विश्व मे है। हम आशा करते हैं अतिशीघ्र मंदी के बादल छंट जाएंगे और परिस्थितियां बदलेंगी।
उन्होंने उद्यमियों से कहा कि यह न भूलें कि आपकी कालीन महंगे होते हैं। और एक बार किसी ने खरीद लिया तो वर्षों चलता है। इसलिए सस्तें उत्पाद बनाने के साथ साथ उन्हें आकर्षक बनाएं। कहा कि विश्व भ्रमण के दौरान लोगों की पसंद और ट्रेंड का ख्याल रखें और वैश्विक मांग के अनुरूप ही कालीन बनाएं।
बतौर स्मृति चिह्न भेंट की कालीन
कार्यक्रम समापन होने से पहले एकमा पदाधिकारियों ने राज्यपाल को भदोही की बनी कालीन बतौर स्मृति चिह्न भेंट की। पदाधिकारियों ने उच्चकोटी की हस्तनिर्मित कालीन अपने हांथ से खोल कर एकमा सभागार में उन्हें दिखाया, जिसे देख कर भदोही के शिल्पियों के हुनर की तारीफ किए बगैर नहीं रह सकीं।
कार्यक्रम समापन के बाद राज्यपाल औराई रोड होते हुए दुलमदासपुर स्थित जाबिर बाबू अंसारी के कालीन प्रतिष्ठान भी गईं जहां उन्होंने कालीन बुनाई से लेकर कालीन की तैयारी की पूरी प्रक्रिया से रूबरू हुई। उन्होंने बुनकरों और मजदूरों की दक्षता की प्रसंशा की।
50 लाख से बनेगा धर्मशाला और बारात घर
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्र के आवास कठौता में बुधवार को सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के सामने ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने पं. जगन्नाथ मिश्र के नाम पर धर्मशाला और बारात घर बनवाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि डॉ. बीडी मिश्र जिले के ही नहीं देश की धरोहर है। देश की सीमाओं पर रहकर उन्होंने कई युद्ध में दुश्मनों को धूल चटाई।
उनके पिता पंडित जगन्नाथ मिश्र ने भी समाज में काफी काम किया। ज्ञानपुर विधायक ने बताया कि विंध्याचल धाम में एमएलसी रामलली मिश्र की निधि से 25 लाख का पं. जगन्नाथ मिश्र धर्मशाला बनाया जाएगा। इसी तरह कठौता गांव में विधायक निधि से एक वाचनालय या बारात घर बनेगा। मिर्जापुर पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक, केएनपीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय का दर्जा और अन्य समस्याएं भी उठाईं।