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अपराजिता संवाद में नारी शक्ति ने कहा,जल्द से जल्द सजा मिले, सख्ती से लागू हो कानून

Wed, 04 Dec 2019 08:58 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अपराजिता संवाद में विचार व्यक्त करतीं काशी की बेटियां - फोटो : amar ujala
हैदराबाद में पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना से पूरा देश गुस्से में है। बुधवार को अमर उजाला कार्यालय में अपराजिता के तहत आयोजित संवाद में काशी की बेटियों ने एक सुर में कहा कि इस तरह की घिनौनी वारदातों में शामिल अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में देर नहीं लगनी चाहिए। इसके लिए कानून के लचीलेपन को खत्म करने की जरूरत है।

संवाद में बीएचयू, काशी विद्यापीठ सहित अन्य महाविद्यालयों की छात्राओं ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को लेकर समाज को सजग होना चाहिए। निर्भया कांड के दोषियों को अभी तक फांसी की सजा नहीं मिल सकी है। यदि इन्हें फांसी पर लटकाया जाता तो एक कड़ा संदेश जाता। देश भर में जो महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले सामने आए हैं उनके  गुनहगार अंजाम तक समय रहते पहुंच जाते तो ऐसी घटनाओं पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता था। 
सभ्यता और संस्कृति पर सबसे बड़ा कुठाराघात है। परिवार की सही परवरिश के साथ नए कानून बनाकर उन्हें सख्ती से लागू करना होगा।
यशस्विनी शुक्ला, छात्रा, सनबीम वूमेन कॉलेज
 
प्रशासन और सरकार ऐसा कदम उठाए जो उदाहरण बनें। ऐसा कृत्य करने वाले को अपराध करने के बाद सजा होने का भय कायम हो। लड़की गलत के खिलाफ खुद खड़ी हो।
प्रज्ञा, छात्रा, बीएचयू
 
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अपराजिता संवाद में विचार व्यक्त करतीं काशी की बेटियां - फोटो : amar ujala

हमारा समाज केवल लड़कियों को सिखाता है, लड़कों को भी संस्कार देने की जरूरत है। लड़कों की समय-समय पर काउंसलिंग हो ताकि समाज में ऐसी घटनाएं न हों।
नेहा वर्मा, छात्रा, विद्यापीठ

जिस तरह जीएसटी, नोटबंदी, का कानून रातों रात पास कर दिया गया था, क्या इसी तरह दुष्कर्म जैसे अपराध करने वालों को कानून जल्द से जल्द सजा नहीं दे सकता।
संगम वर्मा, राष्ट्रीय हॉकी प्लेयर

घटना के बाद लड़की को न्याय मिलने में इतना समय लग जाता है, कि न्याय मिलने की आस टूट जाती है। इस तरह के मामलों में कानून को जल्द से जल्द फैसला देना चाहिए।
डॉ. दीक्षा सिंह

बालिकाओं के साथ अपराध रोकने के लिए मोमबत्ती जलाने से काम नहीं चलेगा। अब ठोस कदम उठाते हुए सजा सुनाने में शासन और प्रशासन को देर नहीं करनी चाहिए।
श्रुति सिंह, छात्रा, शेपा कॉलेज

इस तरह के घटनाओं में शामिल अपराधियों को सजा मिलने में देर नहीं होनी चाहिए। मोमबत्तियां जलाने और शोक सभा नहीं, अपराधियों को सजा देने की जरूरत है। 
ज्योति सिंह कराटे खिलाड़ी

समाज में जो घटनाएं हो रही हैं, उससे हमें सबक लेते हुए खुद को मजबूत करने की जरूरत है। अगर हम खुद मजबूत होंगे तो अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगे। 
चेतना, शिक्षिका, सिल्वर ग्रोव स्कूल

इस तरह के अपराध के लिए सरकार और कानून को त्वरित न्याय का प्रावधान बनाना चाहिए। जो आने वाले समय में दूसरे अपराधियों के लिए सबक बन सके। 
तनिष्का जायसवाल, शिक्षिका

गलत के खिलाफ हमें खुद ही खड़ा होना होगा। लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त कानून बनने के साथ हमें भी आत्मरक्षा के गुर भी  सीखने होंगे। 
दिव्या पांडेय, कराटे खिलाड़ी

इस तरह की घटनाओं में पुलिस की भूमिका भी अहम होती है, जिसे उसे निभाना चाहिए। हमें अब एक ऐसे कानून की जरूरत है, जो अपराधियों में डर पैदा करें। 
आयुषी, ट्रेनी, फोरेंसिक सांइस

अब ऐसा फैसला आए जो अपराधिकयों के लिए  नजीर बने। जहां भी गलत हो रहा है, वहां हमें खुद अपनी आवाज बुलंद कर उसके  खिलाफ खड़ा होना बेहद जरूरी है।
पिंकी, रेडियो जॉकी

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