राज्यपाल ने कहा कि छात्रावासों में बाहरी छात्र रहते हैं। यहां ड्रग्स आ रबी है, दारू की बोतलें आ रहीं हैं। छात्र खाली बॉटल बाहर फेंक रहे हैं, उसकी फोटो भी मेरे पास है। इस तरह की स्थिति सभी यूनिवर्सिटी की है। जब छात्रावास में रहने और खाने के लिए पैसा दिया तो मेस चलाने वाला भाग कैसे गया। इस पर विश्वविद्यालय की ओर से मुकदमा क्यों नहीं करवाया गया। समाज कल्याण के हॉस्टल में विद्यार्थी नहीं बाहर के लोग रहते हैं। पुलिस की मदद से खाली करवाया जाएगा। शोध छात्रावास भी खाली करवाया जाएगा। जिम चलने के लायक नहीं है। महात्मा गांधी के नाम पर विद्यापीठ बना है, पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का विश्वविद्यालय हैं लेकिन यहां हॉस्टल में सफाई नहीं होती है।