उत्तर प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने समाजवादी पार्टी के जिला प्रवक्ता सुशील पांडेय कान्हजी के माध्यम से एक बयान जारी कर कहा है कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का दमन झेल रहे छात्र, छात्राओं, नौजवानों, मजदूरों, किसानों, अध्यापकों, वकीलों, डॉक्टरों, कवियों, पत्रकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को समाजवादी पार्टी संविधान रक्षक सेनानी सम्मान से सम्मानित करेगी।
नेता प्रतिपक्ष श्री चौधरी ने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाला हर आदमी हिन्दुस्तान का नागरिक है। नागरिक कानून और नागरिक पंजीकरण बही के नाम पर उसके इस जन्मना अधिकार की पड़ताल केवल उसका नहीं, देश के संविधान और लोकतंत्र का भी अपमान है। संविधान और लोकतंत्र के इस अपमान के विरोध में सत्याग्रह करना इस देश के हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। कहा कि इस सत्याग्रह को कुचलने के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार ने जो बर्बर दमनात्मक रवैया अपनाया है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
दिल्ली में जामिया मिल्लिया के छात्रों एवं छात्राओं को जिस तरीके से पीटा गया, जिस तरह से उत्तर प्रदेश में सत्याग्रहियों की गोली मारकर हत्या तक की गई है, वह जनरल डायर को भी मात देने वाला है। कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 19 दिसंबर को समाजवादियों ने प्रदेश व्यापी धरना दिया और प्रदर्शन किया। सरकार की तरह तरह की धमकियों के बावजूद समाजवादी सड़क पर उतरे और शांतिपूर्ण तरीके से संविधान और लोकतंत्र की हत्या का विरोध किए।
अब प्रशासन सपा नेताओं को चिह्नित कर तरह-तरह के फर्जी मुकदमों में फंसा रहा है। समाजवादी इस उत्पीड़न से डरने वाले नहीं हैं। नेता प्रतिपक्ष ने देश के उन सभी छात्रों, नौजवानों और समझदार नागरिकों को बधाई दी है जो संविधान और लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ हुए इस सत्यग्रह में शामिल रहे हैं। कहा कि ऐसे सभी साथियों पर लगाए गए फर्जी आरोप सपा की सरकार बनने के साथ ही वापस लिए जाएंगे। यही नहीं समाजवादी पार्टी ऐसे सभी साथियों को संविधान रक्षक सम्मान से सम्मानित भी करेगी।