हादसे के बाद एडीआरएम लालजी चौधरी ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सभी डिविजन से कराकर तत्काल देने को कहा था। यह जांच रिपोर्ट रविवार को उन्हें सौंप दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यदायी संस्था से जुड़े लोगों ने बिना ब्लॉक लिए काम शुरू करा दिया। पावर केबिन में सूचना तक नहीं दी। इस पर सुपरवाइजर ने भी ध्यान नहीं दिया। साफ कहा गया कि काम के दौरान रेलवे नियमों का पालन नहीं किया गया।
शिफ्ट किए जाने वाले पोल को दो जगह रस्सी से बांधना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पोल में एक जगह रस्सी बांधी गई। इस कारण रस्सी निकली और पोल ट्रैक के पास जा गिरा। इससे मालगाड़ी बेपटरी हो गई। एडीआरएम लालजी चौधरी ने कहा कि संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है। इसमें कार्यदायी संस्था और सुपरवाइजर को जिम्मेदार ठहराया गया है। इनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्लेटफार्म नंबर नौ की पटरी ठीक करा दी गई है। 15 किमी की रफ्तार से ट्रेनें आ-जा रही हैं।
कैंट रेलवे स्टेशन पर बेपटरी हुई मालगाड़ी के मामले में रेल महकमा गंभीर है। एडीआरएम लालजी चौधरी ने लगातार दूसरे दिन स्टेशन का निरीक्षण किया। यार्ड-रीमॉडलिंग के कार्यों को देखा और कहा कि अब ब्लॉक लिए बगैर ट्रैक पर कोई काम नहीं होगा। एडीआरएम ने कहा कि जब दिन में मांगने पर सात से आठ बार ब्लॉक मिल जा रहा है तो फिर ब्लॉक लिए बिना कोई काम क्यों कराया जा रहा है?
अब पावर केबिन को सूचना दिए बगैर कोई काम नहीं होना चाहिए। उन्होंने यार्ड रिमॉडलिंग के तहत 500 करोड़ रुपये से अधिक के चल रहे कार्यों की गुणवत्ता भी देखी। रेलवे लाइन शिफ्टिंग का काम देखा। 10 मीटर चौड़े और 144 मीटर लंबे बन रहे एफओबी नंबर तीन की प्रगति को जाना। इस दौरान स्टेशन निदेशक गौरव दीक्षित सहित सभी डिविजन के अधिकारी मौजूद रहे।
शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास दिसंबर 2022 में हुई घटना से सीख लेते तो शनिवार को शायद कैंट रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की एक वैगन बेपटरी होने से बच जाती। दरअसल, शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास दिसंबर में यार्ड-रीमॉडलिंग के काम के दौरान लोहे का रॉड छूट गया था। इस कारण बेगमपुरा एक्सप्रेस के इंजन से लोहे का टुकड़ा टकरा गया था। इससे इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। रेलवे लाइन टेढ़ी हो गई थी।