सूबे के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में गेहूं खरीद एवं सहकारिता विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि गेहूं क्रय केंद्र से किसान निराश होकर न लौटें। हर हाल में उनका अनाज खरीदा जाए और तत्काल भुगतान की व्यवस्था की जाए। संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता वाराणसी मंडल ने बताया कि इस वर्ष गेहूं खरीद विगत वर्षों की तुलना में 10 गुने से अधिक हुई है। सभी किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी कर दिया गया है।
मंत्री ने कहा कि बरसात का मौसम आ रहा है, ऐसे में क्रय किए गए गेहूं को गोदामों में सुरक्षित पहुंचाया जाए। बताया कि प्रदेश में 200 गोदाम बनाने की योजना है। इसके लिए सहकारी समितियों की भूमि चिह्नित की जाए।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि सभी सहकारी समितियां किसानों को बीज एवं उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। अभी तक खरीफ अभियान के लिए लक्ष्य के सापेक्ष यूरिया की उपलब्धता 65 प्रतिशत है और फॉस्फेटिक उर्वरकों की उपलब्धता 204 प्रतिशत है। सभी समितियां ऐसे कार्य करें कि किसानों को कोई दिक्कत न होने पाए। कृषि यंत्रों को किराए पर देने, पशु आहार बिक्री और टेंट हाउस आदि के स्वरोजगार को गांवों में बढ़ावा देने को कहा।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधकों को पांच-पांच समितियों को गोद लेने का निर्देश दिया। कहा कि सहकारी संस्थाओं के पास उपलब्ध सरप्लस भूमि, भवन को पीपी मॉडल पर विकसित कर उन्हें उपयोग में लाया जाए। बैठक में संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक वाराणसी मंडल वीके सिंह के अलावा वाराणसी, गाजीपुर और जौनपुर के संबंधित अधिकारी मौजूद थे।