यूपी के बलिया जिले के जजौली गांव में दलित महिला रेशमी (50) को गांव के ही दो सूदखोरों ने गुरुवार की रात जिंदा जलाकर मारने को कोशिश की। 40 फीसदी जल चुकी महिला का वाराणसी में उपचार चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है।
महिला के जेठ की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात का कारण महिला द्वारा दो साल पहले सूदखोरों से 20 हजार रुपए सूद लेना बताया जा रहा।
जजौली निवासी रेशमी पत्नी राम आशीष गुरुवार की रात जब घर में सोई थी तभी यह घटना घटी। आरोप है कि गांव के ही सत्यम सिंह, सोनू सिंह और गुड्डू सिंह ने रात करीब 2:00 बजे रेशमी पर मिट्टी का तेल डाल आग लगा दी।
पीड़िता के जेठ बब्बन के मुताबिक, रेशमा के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और आग को बुझाई। 100 नंबर को सूचना दी गई। परिवारीजन उसे इलाज के लिए पीएचसी नगरा ले गए, जहां से महिला को वाराणसी रेफर कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रात में ही क्षेत्राधिकारी रसड़ा अवधेश चौधरी पहुंच गए, वहीं शुक्रवार को सुबह मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने घटनास्थल का जायजा लिया।
एसपी अनिल कुमार ने बताया कि दलित महिला को जलाने के मामले में दो आरोपी सत्यम सिंह और सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
महिला के परिजनों की माने तो रेशमा देवी ने करीब दो साल पहले 20 हजार रुपये सूद पर उधार लिए थे। रकम की वापसी को लेकर सूदखोर महिला पर लगातार दबाव बन रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।