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गोल्डन जुबली मीट: आईआईटी के पूर्व छात्रों ने दिए 57 लाख, बीएचयू में आए 1976 बैच के 85 छात्र

Fri, 27 Feb 2026 12:40 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में 1976 बैच के 85 छात्रों की गोल्डन जुबिली मीट हुई। छात्रों ने वर्चुअल लैब बनाने के लिए 57 लाख दिए। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए।
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कुलपति को स्मृति चिह्न देते बीएचयू के पूर्व छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी बीएचयू में बृहस्पतिवार को 1976 बैच की गोल्डन जुबिली मीट हुई। 50 वर्ष पूरे होने पर एबीएलटी-4 सभागार में देश-विदेश से आए 85 से ज्यादा पूर्व छात्रों ने गुरुदक्षिणा प्रोजेक्ट के तहत वर्चुअल लैब की स्थापना के लिए 57 लाख रुपये का योगदान दिया।

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इस राशि का उपयोग संस्थान के भवनों के विकास कार्यों में भी होगा। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों के साथ उनके परिजन भी शामिल हुए। एल्युमनाई एसोसिएशन ऑफ आईआईटी बीएचयू के अध्यक्ष नितिन मल्होत्रा ने 1976 बैच की स्मृतियों, छात्र जीवन के अनुभवों और पिछले 50 वर्षों में संस्थान को मिली वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही एक अत्याधुनिक वर्चुअल प्रोटोटाइपिंग लैब स्थापित की जाएगी। इसका प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा चुका है। समारोह शुक्रवार तक चलेगा।

संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने पूर्व छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में संस्थान ने तीव्र प्रगति की है। स्टेट-ऑफ-द-आर्ट सुविधाओं का विकास, वैश्विक रैंकिंग में सुधार, मेडटेक और एग्रीटेक जैसे उभरते क्षेत्रों में नवाचार संस्थान की प्रमुख उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि 1976 बैच संस्थान की उस विरासत का प्रतिनिधित्व करता है जिसने परिश्रम, उत्कृष्टता और नवाचार के माध्यम से आईआईटी बीएचयू को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। रिसर्च और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी संस्थान नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। इसमें पूर्व छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान है।

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बीएचयू के मेडिकल व एग्रीकल्चर क्षेत्र का समाज को लाभ

कार्यक्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि मेडिकल, एग्रीकल्चर और अंतरविषयी अनुसंधान के क्षेत्रों में दोनों संस्थान उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। इसका लाभ समाज और राष्ट्र को मिल रहा है। पूर्व छात्र मामलों के अधिष्ठाता प्रो. हीरालाल प्रमाणिक ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1976 बैच की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया।

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50 साल पुराने प्रोफेसर्स का सम्मान

समन्वयक और पूर्व छात्र अशोक श्रीवास्तव और राकेश भाटिया ने साल 1976 में अध्यापन कराने वाले प्रोफेसर्स को सम्मानित किया। समारोह के समापन पर निदेशक प्रो. अमित पात्रा को पुराने बैच ने संस्थान को स्वर्ण जयंती स्मृति-चिह्न के रूप में मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा भेंट की। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान स्टूडेंट एल्युमनाई इंटरेक्शन सेल की मदद से पूर्व छात्रों ने पुराने कक्षाओं का भ्रमण किया।
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