करसड़ा में मिला वायु प्रदूषण और माइक्रो प्लास्टिक
आईआईटी बीएचयू के अध्ययन में बनारस के करसड़ा की हवा में प्रदूषण मिला है। यहां एसटीपी है। ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए यहां डंप किए जाते हैं। वहां की हवा में प्रदूषण का स्तर मानक से अधिक मिलने के साथ ही पानी में माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं।
करसड़ा की हवा में कॉर्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन गैस की मौजूदगी मिली है। अगर ठोस अपशिष्ट शोधित नहीं होता तो वह ग्लोबल वार्मिंग की वजह भी बनता है। इससे ठोस अपशिष्ट को भविष्य के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।
हवा, पानी और मिट्टी तीनों को दूषित कर रहा ठोस अपशिष्ट
देश के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर (पीएसए) के अधीन काम करने वाली ‘वेस्ट टू वेल्थ मिशन’ कमेटी के सदस्य व आईआईटी बीएचयू के केमिकल इंजीनियरिंग के प्रो. आरएस सिंह ने बताया कि ठोस अपशिष्ट आने वाले समय में पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनने वाले हैं। प्लास्टिक कचरा हवा, पानी और मिट्टी तीनों को दूषित कर रहा है।
ठोस अपशिष्ट से प्लास्टिक कचरा अलग कर उसे जरूरत की सामग्री और कंपोस्ट बनाया जाता है। ठोस अपशिष्ट के रिसाइकिलिंग के क्या प्रॉपर तरीके हो सकते हैं, इसका विश्लेषण करने की जिम्मेदारी आईआईटी बीएचयू को मिली है, जिस पर काम शुरू हो गया है।