एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इस दौरान तकरीबन 90 बच्चियों ने शिकायतें सुनाईं। इनमें से 21 बच्चियां ऐसी थीं, जिन्हें स्कूल-कॉलेज जाने के दौरान शोहदे परेशान करते थे। उन बच्चियों की शिकायतों का संबंधित थानेदारों के माध्यम से समाधान कराया गया।
69 बच्चियां ऐसी हैं जिन्होंने अपने परिजनों की ही शिकायत की है। ऐसी बच्चियों और उनके परिजनों की एनजीओ के माध्यम से काउंसलिंग कराई जाएगी। यह बच्चियां चाहेंगी तो उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
साढ़े चार लाख बच्चियों से संवाद, प्रदेश में पहला स्थान :
एसएसपी ने बताया कि जुलाई महीने में हमने 1100 स्कूलों की साढ़े चार लाख से ज्यादा बच्चियों से संवाद किया। प्रदेश भर में ऐसा किसी जिले में नहीं हुआ। हमारा प्रयास है कि पुलिस टीमें दोबारा इन स्कूलों में जाएं और बच्चियों से फीडबैक लें। बच्चियों को उनकी सुरक्षा के बारे में जो बताया गया है, वह उनके हावभाव और व्यवहार में दिखाई भी देना चाहिए।