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नृत्य में पिरोई लोक संस्कृति की खूबियां

Wed, 11 Feb 2015 01:26 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। कृषि विज्ञान संस्थान, बीएचयू के चार दिवसीय सांस्कृतिक समारोह ‘सृष्टि-2015’ का समापन मंगलवार को शानदार प्रस्तुतियों से हुआ। छात्र-छात्राओं ने नृत्य के जरिये लोक संस्कृति की खूबियों को दर्शाया।
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साथ ही गायन, अभिनय, मेहंदी, पेंटिंग एवं रंगोली आदि में भी युवाओं की प्रतिभा की खूब सराहना हुई। अंत में प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
स्वतंत्रता भवन में आयोजित ‘सृष्टि’ में मैथिली, बांग्ला और मणिपुरी गीतों पर नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां देख निर्णायक भी छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को सलाम किए बिना नहीं रह सके। मोरी सजनिया... गीत पर नृत्य में छात्राओं ने कमाल कर दिखाया। वेस्टर्न डांस और वेस्टर्न सांग की प्रस्तुतियां भी खास रहीं।
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मूक अभिनय से प्रतिभागियों ने ज्वलंत मुद्दों को उठाया। इसमें स्वागत अज्ञैर मंजी ग्रुप ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। एकल अभिनय में अनुपम तिवारी ने ‘अन्नदाता से भाग्य विधाता’ विषय पर अपने अभिनय से तालियां बटोरीं।
पोस्टर मेकिंग में शाश्वती, आन द स्पॉट पेंटिंग में संबुज गांगुली, रंगोली में दिव्या, कोलाज में अंजुश्री, मेहंदी में प्रिया सिंह व पूजा और कार्टूनिंग में मोहंती ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एकल गीत में सबुज तिलक एवं सौरभ पाणिग्रही ने बाजी मारी। युगल गीत में संजय सिंह व स्पर्श तिवारी और राग भावेश व पौलमी डे की जोड़ियां विजेता बनीं।
समूह गान में श्रीपति ग्रुप अव्वल रहा। समापन अवसर पर बीएससी (कृषि) के चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं ने फेयरवेल पार्टी का भी आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने अपने चार साल के अनुभव को अपनी जूनियर्स के साथ साझा किया। निदेशक प्रो. आरपी सिंह ने छात्रों को शुभकामनाएं दी। धन्यवाद ज्ञापन छात्र सलाहकार डा. आनंद कुमार सिंह ने किया।
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