यूपी के मिर्जापुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में खाना खाने के बाद 12 छात्राएं बीमार पड़ गईं। इनमें से एक की मौत हो गई। सूचना पर एसडीएम चुनार छत्रपाल सिंह एवं बीएसए प्रवीण तिवारी, सीएमओ डा. ओपी तिवारी पहुंच गए। रात नौ बजे छात्राओं के घरवालों ने सीएचसी पर हंगामा किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
जिले के जमालपुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जमालपुर में 97 छात्राएं हैं। शनिवार को 90 छात्राएं उपस्थित थीं। सुबह करीब आठ बजे छात्राओं को नाश्ते में पूड़ी, सब्जी दी गई। दोपहर दो बजे चावल, दाल और सब्जी दी गई।
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दोपहर का खाना खाने के बाद 12 छात्राएं पेट दर्द और उल्टी से परेशान हो गई। छात्रा नैना के मुंह से झाग निकलने लगा। सभी को सीएचसी ले जाया गया। वहां नैना (12) पुत्री चंद्रशेखर निवासी पिड़खीर जमालपुर को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य 11 छात्राओं को भर्ती कर लिया गया।
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बीएसए के अनुसार लड़कियों ने बताया कि खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ी है लेकिन विद्यालय प्रशासन का कहना कि लड़कियां दो दिन से बीमार चल रही थीं। उन्हें वार्डन दवा दे रही थी, जबकि उसे दवा देने का कोई अधिकार नहीं है। जांच कराकर वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ का कहना है कि जांच के बाद पता चलेगा कि मामला क्या है। एसडीएम चुनार छत्रपाल सिंह ने बताया कि खाद्य विभाग को सैंपल लेने के लिए कहा गया है। खाने में गड़बड़ी मिली तो विद्यालय प्रशासन पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम अनुराग पटेल का कहना है कि सीएमओ से बातचीत करने पर पता चला है कि मलेरिया से बालिका की मौत हुई है। घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा।
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घटना की जानकारी मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल दिल्ली से मिर्ज़ापुर के लिये रवाना हो गईं। उन्होंने बताया कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बालिकाओं का बेहतर से बेहतर इलाज कराने को कहा गया है।
डीएम ने कहा पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जायेगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मृतक बालिका के परिवार वालों को फिलहाल 50 हजार रुपये की मदद की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद कराई जाएगी। साथ ही डीएम ने स्कूल की वार्डन को निलंबित करने का आदेश दिया।