बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लिखे संदेशों वाली पतंग
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में घाट पर मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में शनिवार को बेटियों ने पतंग उड़ाकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की अनूठी पहल की। आसमान में पेंच लड़ाकर उन्होंने बेटियों को बचाने का संदेश दिया।
...कन्या भ्रूण हत्या पाप है, ...बिन बेटी नहीं चले संसार, ...बेटी नहीं होगी तो बहू कहां से आएगी, जैसे स्लोगन लिखी पतंगें आसमान में उड़ रही थीं। अस्सी घाट पर बेटियों ने पतंगबाजी का लुत्फ कुछ इसी अंदाज से उठाया।
आगमन संस्था की ओर से आयोजित ‘पतंग उड़ाओ बेटी बचाओ’ कार्यक्रम में इस अनूठी पहल की शुरुआत की गई। घाट पर जुटे सैलानियों ने इसकी सराहना की। इस दौरान संस्था की ओर से लोगों को पतंग भी बांटी गईं। रविवार को मकर संक्रांति पर भी बेटियों को बचाने का संदेश देने वाली ये पतंगें बांटी जाएंगी और उड़ाई जाएंगी।
अरे...अरे...अरे... ये खींचा, वो काटा
महात्मा गाँधी काशी विघापीठ के मैदान में पंतग प्रतियोगिता में हिस्सा लेते प्रतिभागी ।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ खेल मैदान के आसमान में कुलांचे भरती रंग-बिरंगी पतंगें, एक दूसरे का उत्साह बढ़ाती युवाओं की अलग-अलग टोलियां। कभी पतंग को ढील देना तो कभी मंझे को अपनी ओर खींचना और अचानक ‘भक्काटे’ की गूंज पूरे परिसर में तैर जाती।
यह नजारा रहा युवा महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को आयोजित पतंगबाजी प्रतियोगिता का। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से आयोजित राष्ट्रीय युवा सप्ताह के अंतर्गत दूसरे दिन ललित कला विभाग में पोस्टर बनाने व स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता की प्रतियोगिता हुई।
शारीरिक शिक्षा तथा योग विभाग के ग्राउंड पर पतंगबाजी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसका उद्घाटन चीफ प्राक्टर काशी विद्यापीठ प्रो. शंभू उपाध्याय ने किया। समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना प्रो. सुशील गौतम ने पतंग उड़ाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
पोस्टर निर्माण तथा स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में कुल 61 तथा पतंगबाजी प्रतियोगिता में कुल 150 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. सुनील विश्वकर्मा, डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने किया।