‘हमारी मम्मी को मामा अपने साथ ले गए। पापा 10 महीन से जेल में हैं। घर में बूढ़ी दादी के साथ हम दो बहन और एक भाई रहते हैं। अकसर बिना खाए ही सोना पड़ता है और स्कूल से नाम भी काट दिया गया। हम बहुत परेशान हैं इसलिए हमें इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दीजिए अंकल।’
डीआईजी रेंज विजय भूषण के सामने यह बातें कहकर बुधवार को चंदौली के बरथरा खुर्द की 11 वर्षीय अनुष्का पांडेय रोने लगी। इस पर डीआईजी ने मासूम को शांत कराते हुए हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया।
अनुष्का ने बताया कि बीते साल 14 नवंबर को उसके मामा घर पर आए और कहा कि नानी की तबीयत खराब है। इस पर मम्मी गुड़िया देवी हमारी नानी के घर गईं और लौट कर नहीं आईं। अनुष्का ने कहा कि मामा ने उसकी मम्मी को कहीं बाहर भेज दिया।
इसके एक माह बाद पापा ओम प्रकाश पांडेय के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर उन्हें जेल भेजवा दिया। अनुष्का ने कहा कि पापा और मम्मी के जाने के बाद हम दो बहनों और एक भाई का कोई नहीं है। हम तीनों अपनी दादी के साथ रहते हैं। कोई सहारा न होने के कारण खाने-पीने से लेकर हर प्रकार की दिक्कतें हो रही हैं और स्कूल की फीस न जमा कर पाने के कारण हम तीनों का नाम भी काट दिया गया।
अनुष्का ने डीआईजी से अपनी मम्मी को घर वापस लाने और पापा को जेल से छुड़ाने की गुहार लगाई। डीआईजी ने बताया कि मामले की जांच चंदौली जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारी से कराने का निर्देश देकर रिपोर्ट तलब की गई है।