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मुसीबतों से घिरीं तटीय बस्तियां

Thu, 18 Aug 2016 02:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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गंगा में बाढ़।
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गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव से तटीय मुहल्लों, बस्तियों में संकट और गहरा गया है। गंगा के साथ ही वरुणा और असि के तटीय इलाकों में सैकड़ों घर बाढ़ से घिर गए हैं। बुधवार की शाम छह बजे तक यहां जलस्तर 70.20 मीटर पहुंच चुका था जबकि बढ़ाव पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जारी था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार की सुबह 8 बजे तक 70.90 मीटर तक गंगा का जलस्तर हो जाएगा। जो चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर पार कर खतरा बिंदु के करीब पहुंचने लगेगी। वाराणसी में खतरा बिंदु 71.262 मीटर है। वरुणा और असि में गंगा के पलट प्रवाह से बाढ़ का दायरा और बढ़ गया है। निचली सतह की कॉलोनियों, बस्तियों में पानी घुसने के कारण लोग सुरक्षित ठिकानों पर शरण ले रहे हैं।
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गंगा के जलस्तर में तेज बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। केंद्रीय जल आयोग ने मंगलवार को दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ाव होने की जानकारी दी थी लेकिन बुधवार को बढ़ाव की रफ्तार और तेज हो गई। फाफामऊ, इलाहाबाद, सीतामढ़ी, मिर्जापुर में भी गंगा बढ़ाव पर है। काशी में गंगा में बढ़ाव के बाद अस्सी घाट के सुबह-ए-बनारस के मंच पर फिर पानी आ गया है। रामानुजनगर, सामने घाट, महेश नगर के कई घरों में पानी घुस गया है। इससे एक बार फिर तमाम परिवार सामान समेट कर छतों पर चले गए हैं या फिर अपने परिचितों के यहां शरण ले रहे हैं। वरुणा के साथ ही असि नदी के तटीय मुहल्लों में गंगा के पलट प्रवाह से पानी घुसने लगा है।


उधर, वरुणा किनारे ढेलवरिया, कोनिया, सरैया, नक्खीघाट, मीराघाट समेत कई इलाकों में बाढ़ से हालत और गंभीर हो गई है। सैकड़ों घरों में फिर पानी आने से शक्कर तालाब, तीन पुलौवा समेत कई बस्तियों के लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। ढेलवरिया इलाके में कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां प्रभावित लोगों को पास में ही स्थित प्राथमिक विद्यालय में शरण दी गई है। हालांकि इस विद्यालय में न तो बिजली है और न ही इसकी छत दुरुस्त है। इससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि गंगा में इसी रफ्तार से अगर बढ़ाव जारी रहा तो जल्द ही जलस्तर खतरा बिंदु तक पहुंच सकता है। उधर, प्रशासन ने बाढ़ कंट्रोल रूम को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ प्रभावितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की ताकीद की गई है। चौबेपुर संवाददाता के अनुसार गोमती और नाद नदी में भी उफान आ गया। लोग अपना-अपना सामान समेट कर सुरक्षित स्‍थान की ओर जाने लगे हैं।
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