सोमवार को जब मखन्चू बिंद का शव गांव पहुंचा तो पत्नी सुखिया देवी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखें नम हो गईं। घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। मृतक अपने पीछे पत्नी सुखिया देवी (38), चार पुत्रियां सुनीता (10), करैली (8), आशा (6) और उषा (2) के अलावा वृद्ध पिता कतर बिंद को छोड़ गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मखन्चू बिंद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और वही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं और शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।