फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: पिता की लाश देख फफक पड़ी चार बेटियां, सड़क निर्माण के दौरान मजदूर की मौत; मचा कोहराम

Mon, 22 Jun 2026 11:27 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Ghazipur News: गाजीपुर के खानपुर क्षेत्र के जमीन सन्दल गांव निवासी 40 वर्षीय एक व्यक्ति की जौनपुर के केराकत में सड़क निर्माण कार्य के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सोमवार को शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक फैल गया।
विज्ञापन
मखन्चू बिंद की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP News: खानपुर थाना क्षेत्र के जमीन सन्दल गांव निवासी एक मजदूर की जौनपुर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सोमवार को जब उनका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी, बच्चों और वृद्ध पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, जमीन संदल गांव निवासी मखन्चू बिंद (40) जौनपुर जनपद के केराकत क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत बन रही पीच सड़क के निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। रविवार की शाम करीब पांच बजे वह अन्य मजदूरों के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह मौके पर ही गिर पड़े।

साथ में काम कर रहे मजदूरों और ठेकेदार ने तत्काल उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला चिकित्सालय जौनपुर रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार जिला अस्पताल में उपचार के दौरान रात करीब 8:50 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को जब मखन्चू बिंद का शव गांव पहुंचा तो पत्नी सुखिया देवी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखें नम हो गईं। घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। मृतक अपने पीछे पत्नी सुखिया देवी (38), चार पुत्रियां सुनीता (10), करैली (8), आशा (6) और उषा (2) के अलावा वृद्ध पिता कतर बिंद को छोड़ गए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि मखन्चू बिंद मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और वही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असमय मृत्यु से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं और शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें